यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhattisgrah: हम नाम के साधक, अब धाम से आया बुलावा
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जमगहन निवासी महेत्तर राम रामनामी ने नईदुनिया से चर्चा में बताया
By komal ShuklaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 12 Jan 2024 04:34:56 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jan 2024 04:34:56 PM (IST)
महेत्तर राम रामनामी व रामनामी समाज।HighLights
- 20 साल की उम्र में पूरे शरीर पर रामनाम का गोदना, अब हैं 81 साल के
- महेत्तरराम रामनामी को मिला अयोध्या आने का निमंत्रण 18 को होंगे रवाना
- रामनाम का गोदना इस साल भी 40 लोग गुदवाएंगे।
जांजगीर-चांपा। महेत्तर राम रामनामी को अयोध्या में भगवान राम की प्राणप्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रण मिला है। इसको लेकर वे खुश हैं। 18 जनवरी को वे अयोध्या रवाना होंगे।
सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जमगहन निवासी महेत्तर राम रामनामी ने नईदुनिया से चर्चा में बताया कि उन्होंने 20 साल की उम्र में अपने पूरे शरीर पर रामनाम का गोदना गुदवाया है। उन्होंने बताया कि उन्हें यह आमंत्रण मिलने से वे खुश हैं। हम नाम के साधक हैं अब धाम से भी बुलावा आया है तो जरूर जाएंगे। उन्होंने बताया कि वे भजन कीर्तन राम नाम का ही करते हैं। जब उसने शरीर पर राम नाम का गोदना गुदवाया तो इसके लिए मशीन नहीं थी। हाथों से गोदना गोदा जाता था। तब असहनीय पीड़ा होती थी। महेत्तर राम ने बताया कि उनकी उम्र 81 साल है और वे पहले भी अयोध्या प्रयागराज जा चुके हैं।
रामनामी समाज मूर्तिपूजा नहीं करते लेकिन मूर्ति पूजा के विरोधी नहीं हैं। सब अपने अपने तरीके से भगवान को मान सकते हैं। उनके परिवार में यह आमंत्रण मिलने पर खुशी है। उनके परिवार में बेटा बहु और पौत्र पौत्री हैं। महेत्तर राम रामनामी समाज के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। उनका कहना है कि नई पीढ़ी के लोग शरीर पर रामनाम लिखवाने से परहेज कर रहे हैं पर विवाहित और अधिक उम्र के लोग अभी भी रामनाम का गोदना गुदवा रहे हैं। इस साल भी 40 ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है जो रामनाम का गोदना शरीर पर गुदवाएँगे।