नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवरीनारायण: लगातार बारिश और गंगरेल बांध से करीब 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी ने शिवरीनारायण में विकराल रूप धारण कर लिया। बांध के सभी 14 गेट खोले जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते बाढ़ के पानी ने पूरे शिवरीनारायण को चारों ओर से घेर लिया।
शिवरीनारायण में महानदी का रौद्र रूप
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नगर टापू में तब्दील हो गया। रविवार की अलसुबह शबरी पुल के ऊपर करीब 5 फीट पानी बह रहा था। शनिवार सुबह तक महानदी का पानी शबरी पुल से काफी नीचे था, लेकिन शाम करीब 4 बजे तक पानी पुल के ऊपर पहुंच गया।
इसके साथ ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायपुर जिले की ओर जाने वाले मार्गों पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने बेरिकेडिंग कर शबरी पुल पर आवाजाही बंद कर दी। महानदी का जलस्तर दो दिन में करीब 20 फीट तक बढ़ गया।
शबरी पुल के 5 फीट ऊपर बहती महानदी
जलस्तर 25 सितंबर की शाम करीब 4 बजे से बढ़ना शुरू हुआ। 26 सितंबर की सुबह इसकी रफ्तार तेज हो गई। शनिवार सुबह से शाम तक जलस्तर प्रति घंटे करीब एक फीट से अधिक की रफ्तार से बढ़ता रहा। 25 सितंबर की शाम से 26 सितंबर की शाम तक जलस्तर करीब 15 फीट बढ़ चुका था। इसके बाद रविवार की अलसुबह शबरी पुल के ऊपर करीब 5 फीट पानी बहने लगा।जलस्तर बढ़ने के साथ ही महानदी किनारे और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती गई। कई व्यापारियों ने दुकानों और गोदामों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
महानदी व मेन रोड नटराज चौक में भरा बाढ़ का पानी
वहीं नदी किनारे रहने वाले परिवारों ने भी घरों का सामान समेटना शुरू कर दिया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी हुई और घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ। नगर के चारों ऒर सड़कों पर बाढ़ का पानी भर गया। लोगों का नगर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बाढ़ का पानी मेला ग्राउंड में भर गया। शबरी चौक और नटराज चौक के आसपास सड़क पर पानी पहुंच गया।
बिलासपुर मेन रोड पर खरौद मोड़ के आगे, तुस्मा रोड पर बिजली ऑफिस के पहले और केरा रोड पर ललारी पुल के पास सड़क के ऊपर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। इसके चलते नगर के चारों ओर प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद हो गया। खेत-खलिहान भी पानी में डूब गए। महानदी के किनारे और तटीय क्षेत्रों में स्थित घरों में पानी घुस गया। बढ़ते जलस्तर को देखकर लोग रातभर दहशत में रहे।
दोपहर बाद घटा पानी तब लोगों ने ली राहत की सांस
रविवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद महानदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ। जलस्तर घटने की खबर से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि रविवार शाम 6 बजे तक भी महानदी शबरी पुल से काफी ऊपर बह रही थी। प्रशासन ने लोगों को नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। महानदी में जोक, शिवनाथ सहित विभिन्न जलस्रोतों का पानी पहुंचता है। इस बार जलस्तर बढ़ने की प्रमुख वजह लगातार बारिश और गंगरेल बांध से छोड़ा गया भारी मात्रा में पानी बताया जा रहा है।
प्रशासन अलर्ट, गोताखोर और पुलिस टीम तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के लिए मुनादी कराई। एसडीओपी तोमेश वर्मा, थाना प्रभारी केपी सिंह, एसआई रितेश परमार, वैभव साहू व कविता टंडन, एएसआईं संतोष बंजारे पुलिस टीम के साथ शबरी पुल के पास लगातार निगरानी करते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से बोट के साथ गोताखोरों की टीम भी तैनात की गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग बाढ़ का नजारा देखने शबरी पुल, चौपाटी और महानदी किनारे पहुंचते रहे। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।
कलेक्टर-एसपी ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा, दिए आवश्यक दिशा निर्देश
रविवार दोपहर कलेक्टर जन्मेजय महोबे और एसपी विजय पाण्डेय शिवरीनारायण पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने शबरी पुल, शिवरीनारायण बैराज, श्री महंत लाल दास महाविद्यालय और मेला ग्राउंड सहित नगर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव व्यवस्था की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान एसडीएम भावना साहू, तहसीलदार महेंद्र लहरे, एसडीओपी तोमेश वर्मा, थाना प्रभारी केपी सिंह, सीएमओ कन्हैया निर्मलकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
श्री महंत लाल दास महाविद्यालय में राहत शिविर
महानदी का पानी नगर के कई वार्डों में पहुंचा है। वार्ड क्रमांक 1 और 12 के लोग अधिक प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने बिलासपुर रोड स्थित श्री महंत लाल दास महाविद्यालय में राहत शिविर बनाया है। यहां प्रभावित लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। दोनों वार्डों के कुछ प्रभावित परिवारों को राहत शिविर में ठहराया गया है।
6 साल बाद बनी ऐसी स्थिति, 2020 के बाद फिर ऐसी बाढ़
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बारिश के मौसम में महानदी का जलस्तर हर साल बढ़ता है और पानी शबरी पुल के ऊपर भी पहुंचता है। लेकिन इस बार जैसी स्थिति लंबे समय बाद बनी है। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2020 में भी शिवरीनारायण में इसी तरह की बाढ़ आई थी। इसके बाद इस वर्ष फिर महानदी ने विकराल रूप दिखाया।
शबरी पुल के ऊपर 5 फीट पानी, चारों तरफ से जलमग्न हुआ नगर
शनिवार शाम 4 बजे तक महानदी का पानी शबरी पुल के ऊपर पहुंच गया था। रविवार अलसुबह तक पानी पुल के ऊपर करीब 5 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। शबरी पुल के इतने ऊपर पानी आने से नगर चारों ऒर से घिरकर जलमग्न हो गया।