
नईदुनिया प्रतिनिधि, जांजगीर/शिवरीनारायण। नगर के मेला ग्राउंड में आयोजित नवरात्र-दशहरा मेले में गुरुवार रात जूते-चप्पल के मोलभाव को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चार युवकों ने मिलकर 26 वर्षीय क्रेमरेज यादव पर चाकू और डंडे से हमला कर दिया। हमले में उसके सिर, सीने, पीठ और पेट में गंभीर चोटें आईं।
अत्यधिक खून बहने से उसकी हालत नाजुक हो गई। उसे तत्काल शबरी हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक देकर उसकी जान बचाई। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले में शिवरीनारायण पुलिस ने मुख्य आरोपी दीप केंवट (18) और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है।
एसडीओपी तोमेश वर्मा और थाना प्रभारी केपी सिंह के अनुसार, ग्राम खपराडीह निवासी क्रेमरेज यादव मेला-ठेला और हाट-बाजार में दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। शिवरीनारायण मेले में उसने जूते-चप्पल और कपड़ों की तीन दुकानें लगाई थीं। 15 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे करण यादव और उसका साथी अमित यादव एक दुकान में बैठे थे, जबकि भगत दास मानिकपुरी बीच वाली दुकान में मौजूद था।
इसी दौरान एक युवक जूते-चप्पल के मोलभाव को लेकर भगत दास से विवाद करने लगा। मौके पर मौजूद लोगों के पहुंचने पर वह वहां से चला गया। कुछ देर बाद दीप केंवट अपने तीन साथियों के साथ लौटा और भगत दास से गाली-गलौज करने लगा। क्रेमरेज ने विरोध करते हुए गाली देने का कारण पूछा तो विवाद बढ़ गया। इ
सके बाद आरोपितों ने चाकू और डंडे से उस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे करण यादव के साथ भी मारपीट की गई। अचानक हुई चाकूबाजी से मेले में अफरा-तफरी मच गई। घायल क्रेमरेज को राधे केंवट और अमित यादव तत्काल शबरी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
शबरी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. सूर्य प्रकाश ने बताया कि चाकू के वार से युवक के सिर पर करीब 10 सेंटीमीटर लंबा घाव हुआ है। सीने में गंभीर चोट के कारण हृदय और फेफड़े भी प्रभावित हुए। फेफड़े में करीब एक लीटर खून जमा हो गया था, जिसे उपचार के दौरान निकाला गया। युवक की नाजुक स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया गया। सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक देकर उसकी जान बचाई गई।
चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने में 10 मिनट की और देरी होती तो युवक की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। डॉक्टर के मुताबिक, सिटी स्कैन में सिर के अंदर खून जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हृदय और फेफड़ों में गंभीर चोटों के कारण उसकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। उपचार जारी है और फिलहाल उसकी हालत को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कहना संभव नहीं है।
क्रेमरेज तीन भाई-बहनों में बीच का है। उसके माता-पिता बचपन में ही उसे छोड़कर चले गए थे। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई मजदूरी कर परिवार की आजीविका में सहयोग करता है। क्रेमरेज स्वयं मेले और हाट-बाजार में दुकान लगाकर गुजारा करता है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके इलाज का खर्च जुटाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में परिजन और मित्र मिलकर उपचार की व्यवस्था कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने भी उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज में बड़ी छूट देने की बात कही है।
इस घटना ने फरवरी 2025 में शिवरीनारायण के माघी मेले में हुए हत्याकांड की याद ताजा कर दी है। उस मामले में मोहतरा निवासी दीपेश बर्मन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, उस हत्याकांड में भी दीप केंवट और एक नाबालिग आरोपित के रूप में शामिल थे। बताया गया है कि सितंबर 2026 में जेल से रिहा होने के बाद दीप का नाम फिर एक गंभीर वारदात में सामने आया है। मेले में दोबारा हुई इस तरह की घटना ने भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था, असामाजिक तत्वों पर निगरानी और धारदार हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए तीन स्टील के चाकू, लकड़ी और खून से सने कपड़े जब्त किए हैं। आरोपितों के खिलाफ हत्या की नीयत से प्राणघातक हमला करने के मामले में कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी केपी सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक गोपी सिंह, सहायक उपनिरीक्षक संतोष बंजारे, प्रधान आरक्षक गौरीशंकर कौशिक, आरक्षक पतिराम, टुकेश्वर, राजेश, यशवंत, नितिन, विकास, श्रीकांत, रामकुमार, जयदीप, कुलदीप, दिलीप सहित पुलिस स्टाफ शामिल थे।