
नईदुनिया न्यूज, जांजगीर : जिले में स्वाइन फ्लू ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बाद हुई एक मौत की सैंपल जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई है। बताया जा रहा है कि नवागढ़ ब्लाक के ग्राम पुटपुरा के एक 40 वर्षीय व्यक्ति काे सर्दी जुकाम की शिकायत पर छह सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सात सितंबर को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद उसका सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। मौत के दो दिन बाद 10 सितंबर को उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई। इसी तरह रायपुर से बालपुर अपने ससुराल आए एक युवक में भी एच1, एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई है।
12 सितंबर को उसका सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। 13 सितंबर को उसकी रिपोर्ट भी पाजिटिव आई। युवक का उपचार चांपा के निजी अस्पताल में चल रहा था। संक्रमण की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं बेहतर उपचार के लिए उसे भी बिलासपुर रेफर किया गया है।
जिले में छह से अधिक संदिग्ध मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य अमला निगरानी और जांच बढ़ाने में जुट गया है। जिला अस्पताल में भी संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन में रखकर सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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बताया गया कि युवक रायपुर से बालपुर स्थित अपने ससुराल आया था। सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद वह चांपा के निजी अस्पताल में उपचार कराने पहुंचा। चिकित्सकों ने लक्षणों को देखते हुए स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल भेजा, जिसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने युवक के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर कांटेक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है।
पिछले दिनों स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। मौत के बाद लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट अब पाजिटिव आई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की निगरानी और सैंपल जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। हालांकि विभाग की ओर से लोगों से घबराने के बजाय लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच कराने की अपील की गई है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डा. दीपक साहू के अनुसार एच1, एन1 एक संक्रामक श्वसन संक्रमण है। अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, अत्यधिक थकान, शरीर में दर्द, सिरदर्द तथा नाक बहना या बंद होना इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह और जांच कराना जरूरी है। तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
तीन संदिग्ध लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से एक युवक की रिपोर्ट मौत के बाद पाजिटिव आई है। वहीं युवक रायपुर से जिले में आया था उसकी रिपोर्ट भी पाजिटिव आई है। बेहतर इलाज के लिए उसे बिलासपुर रेफर किया गया है। डा अनिता श्रीवास्तव,सीएमएचओ, जांजगीर