छत्तीसगढ़ के कुनकुरी में बौराया 'लोनर हाथी': तोड़ी अस्पताल की दीवार, चर्च परिसर में करता रहा चहलकदमी
जशपुर जिले के कुनकुरी शहर में रविवार सुबह एक लोनर हाथी घुस आया। उसने होली क्रॉस अस्पताल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और महागिरजा घर परिसर में विचरण किया। रा...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Oct 2026 01:41:51 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Oct 2026 01:45:15 PM (IST)
अस्पताल की दीवार तोड़ता लोनर दंतैल हाथी। - वीडियो ग्रैबHighLights
- कुनकुरी शहर में सुबह घुसा लोनर दंतैल हाथी
- होली क्रॉस अस्पताल की बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया
- महागिरजा घर परिसर में चहलकदमी से अफरातफरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर। जंगल से निकल कर एक लोनर हाथी (दल से अलग हुआ नर हाथी) भटकते हुए रविवार की सुबह कुनकुरी शहर में आ गया। हाथी कुनकुरी के महागिरजा घर और हाली क्रास अस्पताल परिसर के अंदर घुस आया। दंतैल ने अस्पताल के बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त कर दिया। महागिरजा घर और अस्पताल कटनी- गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग में कुनकुरी से जशपुर की ओर जाने वाली सड़क में ही स्थित है। दिन में इस तरह हाथी को नगर के बीच में चहल कदमी करते हुए देख कर अफरा तफरी मच गई। हालांकि अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
चर्च और अस्पताल परिसर में चहल कदमी करते हुए हाथी का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद वनविभाग ने विडियो बनाने के लिए हाथी के नजदीक ना जाने की अपील की है। विभाग का दावा है कि लोनर की हलचल पर नजर रखी जा रही है।
चेतावनी क्यों नहीं मिली
हालांकि कुनकुरी नगर में घुस आए हाथी की चेतावनी ना मिलने पर नगरवासियों ने नाराजगी जताई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह लोनर हाथी बीते कुछ दिनों से कुनकुरी के आसपास के ग्रामीण अंचल के जंगलों में भटक रहा है। हाथी रविवार की सुबह सबसे पहले महागिरजा घर के परिसर में घुस आया। इस समय तक चर्च में रविवार को होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए श्रद्वालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। परिसर में दंतैल को देख कर श्रद्वालु घबरा गए और चर्च के प्रार्थना सभागार में घुस कर स्वयं को सुरक्षित कर लिया।
अस्पताल की दीवार तोड़ी
कुछ देर तक परिसर में घुमने के बाद यह दंतैल यहां से निकल कर चर्च के पास में ही स्थित हाॅलीक्रास अस्पताल परिसर में घुस गया। यहां इस दंतैल ने अस्पताल की चार दीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया। दीवार तोड़ते हुए हाथी का वीडियो बना कर नगर पंचायत कुनकुरी अध्यक्ष विनयशील ने सोशल मीडिया में प्रसारित किया है। वीडियों में दंतैल आक्रामक नजर आ रहा है। भटकते हुए यह दंतैल कुनकुरी के जय स्तंभ चैक के पास तक पहुंच गया था। हाथी को देखने के लिए मौके पर भीड़ जमा हो गई थी। कुछ देर बाद दंतैल वापस जंगल की ओर लौट गया।
जिले के पांच ब्लाक है हाथी प्रभावित -
जशपुर छत्तीसगढ़ के घोर हाथी प्रभावित जिले में शामिल है। जिले के आठ में से पांच ब्लाॅक हाथियों की हचलचल के दायरे में हैं। इनमें ओडिसा और झारखंड की अंर्तराज्यीय सीमा से लगे हुए दुलदुला,कुनकुरी और तपकरा वन परिक्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हैं। इन तीनों ही रेंज में साल भर हाथियों की हलचल बनी रहती है। घने जंगल के साथ चारा व पानी की उपलब्धता गजराज को खूब भाती है।
तीन साल में 16 की मौत
जिले में हाथियों के हमले से तीन साल में 16 लोगों की जान गई है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 14,वर्ष 2025 में 10 और 2026 में जनवरी से लेकर सितंबर तक दो लोगों की मौतें हुई है। हाथियों से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए वन विभाग ने जागरूकता अभियान के साथ निगरानी व सूचना व्यवस्था को दुरूस्त करने की नीति अपनाई है। इससे वर्ष 2026 में सितंबर माह तक हाथी के हमले से मौत का आंकड़ा दो तक सिमटा हुआ है। जागरूकता अभियान में वन कर्मी ग्रामीणों को हाथियों के बीच सुरक्षित तरीके से रहने के तौर-तरीके की जानकारी दे रहे हैं। वहीं हाथियों की गतिविधियों को ट्रेक कर,इसकी सूचना प्रभावित गांव के ग्रामीणों तक पहुचाने से भी जनहानि को न्यूनतम स्तर पर लाने में सहायता मिली है।
दूर रहें हाथी से
‘‘लोटापानी के जंगल से निकल कर लोनर हाथी घुमाडांड़ होते हुए कुनकुरी पहुंचा था। यहा चर्च,लोयला कालेज और अस्पताल परिसर से होते हुए वनविभाग के नर्सरी में घुसा हुआ है। इसकी हलचल पर नजर रखी जा रही है। नगरवासियों से हाथी से दूरी बना कर रखने की अपील की जा रही है।’’
- सुरेंद्र होता,रेंजर,कुनकुरी।