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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड से छत्तीसगढ़ के तपकरा पहुंचा 20 हाथियों का दल, इलाके में दहशत

Elephant in Chhattisgarh: तपकरा के वन परिक्षेत्र में अब 31 हाथी, इनके हमले में हो चुकी है दो लोगों की।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 18 Aug 2021 10:33:53 AM (IST)Updated Date: Wed, 18 Aug 2021 10:36:15 AM (IST)
झारखंड से छत्तीसगढ़ के तपकरा पहुंचा 20 हाथियों का दल, इलाके में दहशत

जशपुर नगर,नईदुनिया प्रतिनिधि, Elephant in Chhattisgarh। तपकरा वन परिक्षेत्र में इस वक्त 31 हाथियों ने डेरा जमा रखा है। दो दिन में दो लोगों की हुई मौत की घटना को देखते हुए वन विभाग सतर्क हो गया है। हाथियों की मौजूदगी वाले इलाके में वन कर्मी और कोटवार सुबह से मुनादी कर ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं। रेंजर अभिनव केसरवानी ने बताया कि 20 हाथियों के एक बड़े दल ने झारखंड से प्रवेश किया है। यह दल अभी लठबोरा गांव के आसपास मौजूद है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा हाथियों के एक, दो और तीन के छोटे-छोटे दल में जंगल मे भटक रहे हैं। बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीण इलाके में मुनादी करवाई है। इसमे ग्रामीणों को जंगल की ओर ना जाने और शाम के बाद यथा संभव घर से बाहर ना निकलने की सलाह दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ग्रामीणों से हाथियों की हलचल की जानकारी जुटाने के साथ लोकेशन शेयर की जा रही है। वन विभाग ने स्थानीय रहवासियों से अपील की है कि वे हाथियों से दूरी बनाएं रखे और उन्हें अनावश्यक ना छेड़ें। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सोमवार और मंगलवार को हाथी के हमले में एक महिला सहित दो लोगों की मौत तपकरा रेंज में हो चुकी है, जबकि एक महिला घायल हुई है।


ओडिशा और झारखंड की सीमा पर स्थित तपकरा रेंज, हाथियों का स्थायी ठिकाना बन चुका है। इलाके में जन और संपत्ति हानि का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। इससे हाथी और मानव द्वंद की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अतिकायों के हमले से स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीण करंट का सहारा लेने लगे हैं। यह प्रवृत्ति हाथियों के साथ मानव जीवन के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। 6 माह के भीतर ही तपकरा रेंज में करंट से दो हाथी और एक महिला की मौत हो चुकी है। फिलहाल, हाथियों के इस बढ़ते हुए हलचल को काबू में करने के लिए वन विभाग के पास जागरूकता अभियान और मुआवजा के अलावा कोई तीसरा उपाय नहीं है।