छत्तीसगढ़ के कंडोरा में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज, 50 सीटों के साथ इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 03:08:56 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 03:08:56 PM (IST)
HighLights
- विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के नए अवसर मिलेंगे
- 1.10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भवन में होगा प्रारंभिक संचालन
- चराईडांड में 13.93 करोड़ रुपये से बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस
डिजिटल डेस्क,रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी की जा रही है। करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन में प्रारंभिक रूप से कॉलेज का संचालन किया जाएगा।
कॉलेज में 50 सीटों पर इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रारंभ करने की तैयारी है। इस पहल से जिले के विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।
कंडोरा में निर्मित हाईस्कूल भवन में हाईस्कूल संचालन की अनुमति नहीं मिलने के बाद शासन द्वारा उपलब्ध अधोसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए यहां फिजियोथेरेपी कॉलेज संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे एक ओर पहले से निर्मित भवन का उपयोग सुनिश्चित होगा।
50 सीटों पर प्रवेश की तैयारी
फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत से जशपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के नए अवसर मिलेंगे। प्रारंभिक रूप से 50 सीटों के साथ कॉलेज संचालन की तैयारी की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी की व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए अन्य शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
कॉलेज के संचालन से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवश्यक प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी सहायता मिलेगी। विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
मरीजों को भी मिलेगा लाभ
जिले में फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। वर्तमान में जिले के अनेक मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
स्थानीय स्तर पर फिजियोथेरेपी शिक्षा और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार होने से ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी। कॉलेज के माध्यम से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होने के साथ फिजियोथेरेपी सेवाओं के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
चराईडांड में 13.93 करोड़ से बनेगा स्थायी हाईटेक कैंपस
फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए चराईडांड के पास करीब 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से स्थायी हाईटेक कैंपस विकसित करने की योजना है। स्थायी परिसर के निर्माण तक कंडोरा में पहले से तैयार भवन का उपयोग कॉलेज संचालन के लिए किया जाएगा।
स्थायी कैंपस विकसित होने से भविष्य में विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक अधोसंरचना और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में जिले की क्षमता का विस्तार होगा।