यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विवादित जमीन पर संचालित पेट्रोल पंप को प्रशासन ने किया सील
शहर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे में स्थित ग्राम गम्हरिया में संचालित एक पेट्रोल पंप को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है।
By Yogeshwar SharmaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Fri, 23 Dec 2022 09:21:57 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Dec 2022 09:21:57 PM (IST)

जशपुरनगर। शहर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे में स्थित ग्राम गम्हरिया में संचालित एक पेट्रोल पंप को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। इस पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रहे जमीन विवाद में आए न्यायिक निर्णय के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। ट्रस्ट की ओर से मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश सहाय ने बताया कि अघोरेश्वर अवधूत बाबा भगवान राम ट्रस्ट वर्ष 2005 से ही यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। विभिन्ना न्यायालयों ने विवादित भूमि खसरा क्रमांक-449 /5 रकबा 0 .90 में संचालित पेट्रोल पंप को नवीनीकरण के अभाव में अवैध करार दिया गया था। बावजूद इसके पेट्रोल पंप का संचालन हरि सिंह के द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा था। उक्त मामले की अपील हरि सिंह के द्वारा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय रायपुर में किया गया था। जहां अधिवक्ता अखिलेश सहाय के द्वारा स्वयं उपस्थित होकर आश्रम की जमीन में नियम विरूद्ध पेट्रोल पंप का संचालन किए जाने की जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई जिसके आधार पर मंत्रालय से पंप को सील करने का आदेश जिला प्रशासन को भेजा गया।14 दिसंबर को जारी मंत्रालय के आदेश का परिपालन करते हुए जिला प्रशासन के कलेक्टर व दंडाधिकारी डा. रवि मित्तल ने जिला खाद्य विभाग को विवादित पेट्रोल पंप को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश 21 दिसंबर को सुनाया जिस पर तडक़े 22 दिसंबर को खाद्य विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया।
स्वयं की जमीन तलाशनी होगी संचालक को
कलेक्टर के फैसले को विस्तार से बताते हुए अधिवक्ता सहाय ने बताया कि पेट्रोल पंप शुरू से ही विवादों में रहा है। उक्त जमीन की कूटरचना कर उसे अपने नाम में करने का प्रयास पूर्व में किया गया था जिस पर कानूनी लड़ाई लड़ी गई जिसमें 3 वर्ष की सजा भी संबंधित काट चुका है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने आदेश देकर कहा है कि पेट्रोल पंप संचालन के लिए वैकल्पिक स्थान चयन करने के बाद ही विधि अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
1992 से चल रहा था यह जमीन विवाद
अधिवक्ता अखिलेश सहाय ने बताया कि पंप की जमीन 1992 से भगवान राम ट्रस्ट के नाम पर है। गलत कागज बनाकर जमीन को अपने नाम दिखाया गया और पेट्रोल पंप स्वीकृत कराया गया। इसकी जानकारी होने के बाद से ही जमीन और पेट्रोल पंप का मामला न्यायलयीन प्रकरण में दर्ज हो चुका था जिसकी लड़ाई जारी थी। दशकों के इस सच पर न्यायालय की मोहर लग गई और दंडाधिकारी के आदेश से पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है।
वर्जन
यह अघोरेश्वर अभिलाषा पेट्रोल पंप आउटलेट जिस जमीन में संचालित है। इसकी जमीन की मालिकाना हक का विवाद है। जिसकी वजह से कलेक्टर के आदेश से यह पेट्रोल पंप को सील करने की कार्रवाई की जा रही है।
-अजय प्रधान खाद्य निरीक्षक, जशपुर