
जशपुर। जिले के बगीचा विकास खंड के ग्राम पंचायत साही डांड़ के दरी टोला बस्ती में गणतंत्र दिवस के दिन हंडिया (जहरीली शराब) का कहर टूटा। इस शराब के सेवन से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। 17 बीमार ग्रामीणों का बगीचा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुक्रवार के पंचायत मुख्यालय साही डांड़ में ध्वजा रोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। दोपहर तकरीबन 1 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दरी टोली के ग्रामीण घर पहुंच कर चावल से बने हुए शराब का जमकर सेवन किया। बताया जा रहा कि तकरीबन 2 घंटे के बाद ही ग्रामीणों की तबियत बिगड़ने लगी।
सूचना पर गांव में तैनात स्वास्थ्य विभाग की एनएम मैरी पन्ना दरी टोली पहुंची। यहां ग्रामीणों की बुरी हालत देख कर उसके भी होश उड़ गए। एनएम पन्ना ने इसकी सूचना गांव के व्यवसायी दिनेश जायसवाल को दिया। जायसवाल ने ततपरता दिखाते हुए 108 में कॉल कर सहायता मांगी। इस बीच ग्रामीणों की तबियत अधिक बिगड़ते हुए देख कर उन्होंने अपने निजी वाहन से 8 ग्रामीणों को इलाज के लिए बगीचा पहुंचाया।
तकरीबन एक घंटे के बाद संजीवनी एम्बुलेंस दरी टोला पहुंची और 4 अन्य पीड़ित ग्रामीणों को इलाज के लिए बगीचा पहुंचाया। इस बीच बगीचा में इलाज के दौरान कोरवा बंधन राम की मौत हो गई। चिकित्सकों ने जंगल राम और भादो राम की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए अंबिकापुर के लिए रेफर किया। अंबिकापुर ले जाने समय इन दोनों का बतौली के पास मौत हो गई।
इनकी हुई मौत
जंगल राम 50 वर्ष, बंधन राम 45 वर्ष, भादो राम नगेशिया 45 वर्ष। इनमें जंगल राम और बंधन राम सगे भाई हैं।
व्यवसायी की सक्रियता से बची जान
स्थानीय व्यवसायी दिनेश जायसवाल की सक्रियता से पीड़ितों को समय से इलाज मिल पाया। प्रभावित गांव दरी टोला तहसील मुख्यालय बगीचा से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। संजीवनी की टीम को यहां पहुंचने में तकरीबन एक घंटे का समय लगता और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में इतना ही वक्त। इसे देखते हुए व्यवसायी जायसवाल ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने निजी वाहन से गंभीर ग्रामीणों को इलाज के लिए बगीचा पहुचाया। समय पर इलाज मिलने से की कई लोगों की जान बच गई।
जहरीली शराब से मौत के मामले में जांच के आदेश
बगीचा में जहरीली शराब से मौत के मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने तीन सदस्यों की समिति गठित की है। समिति में अतिरिक्त कलेक्टर जशपुर, सीएमएचओ जशपुर और एसडीओपी बगीचा शामिल हैं। जिला प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि पहाड़ी कोरवाओं की मौत फूड पॉइजनिंग टॉक्सिक शाक सिंड्रोम से हुई है।