जशपुर के सरकारी स्कूलों में तकनीकी क्रांति, अब आदिवासी बच्चे सीखेंगे एआई, कोडिंग और रोबोटिक्स
छात्र-छात्राओं को एक साल तक एआई, कोडिंग, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचलों के बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके।
Publish Date: Wed, 28 Oct 2026 06:33:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 28 Oct 2026 06:33:59 PM (IST)
HighLights
- जशपुर के 3 सरकारी स्कूलों में एआई व कोडिंग की शुरुआत।
- जिला प्रशासन और एडु रोबोवर्स के बीच गैर-वित्तीय एमओयू संपन्न।
- 9वीं से 12वीं के छात्र सीखेंगे रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग।
नईदुनिया न्यूज,जशपुरनगरः जशपुर जिले के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पहल की है। कलेक्टर रोहित व्यास के विशेष प्रयासों से जिला प्रशासन और एडु रोबोवर्स के बीच गैर-वित्तीय सहयोग के आधार पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है।
इसके तहत जिले के तीन सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को एक वर्ष तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ तकनीक का उपयोग करना भी सीखेंगे।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिए सेंसर, मोटर और अन्य उपकरणों को जोड़कर स्मार्ट सिस्टम बनाने का अभ्यास कराया जाएगा। विद्यार्थी कृषि, जल संरक्षण, वन, पर्यावरण और ऊर्जा जैसे स्थानीय विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट भी तैयार करेंगे। कार्यक्रम के संचालन के लिए एडु रोबोवर्स हर स्कूल में एक विशेष ट्रेनर नियुक्त करेगा।
सप्ताह में दो दिन कक्षाएं और शिक्षकों को भी ट्रेनिंग
ट्रेनर सप्ताह में दो दिन कक्षाएं लेंगे और स्कूल के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देंगे। इससे आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। हर विद्यार्थी का ‘स्टूडेंट टेक्नोलॉजी पासपोर्ट’ बनाया जाएगा, जिसमें उसके कौशल, मूल्यांकन और तैयार प्रोजेक्ट का रिकॉर्ड रहेगा।
कार्यक्रम की प्रगति की मासिक रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंत में विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि तकनीक के इस दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसे कौशल हर क्षेत्र में अहम होंगे। जशपुर के बच्चे प्रतिभाशाली हैं और उन्हें अवसर व मार्गदर्शन मिले तो वे किसी से पीछे नहीं रहेंगे।
कलेक्टर रोहित व्यास का दृष्टिकोण
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करके सीखने और आसपास की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है । इस पहल से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक सीखने तथा रचनात्मक क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और समस्या समाधान कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, एडु रोबोवर्स के सीईओ विशाल श्रीवास्तव और डायरेक्टर आनंद विक्रम सिंह उपस्थित रहे।