
नईदुनिया प्रतिनिधि, लखनपुरी। लखनपुरी क्षेत्र अंतर्गत जेपरा और आरौद अंचल में उच्च शिक्षा की सुविधा के लिए शासकीय महाविद्यालय खोलने की मांग ने अब जनांदोलन का रूप ले लिया है। शनिवार को स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल जेपरा में आयोजित बैठक में आसपास के करीब 20 गांवों के सरपंच, त्रिस्तरीय पंचायती राज के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में जुटे। बैठक में क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कॉलेज की स्थापना के लिए साझा रणनीति पर विस्तार से विमर्श किया गया।
बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जेपरा और आरौद के मध्य स्थित ग्राम टंहाकापार शासकीय महाविद्यालय के लिए सबसे उपयुक्त और केंद्रीय स्थल है। टंहाकापार आसपास के दर्जनों गांवों के केंद्र में है और क्षेत्र के नौ हायर सेकेंडरी स्कूलों से इसका सीधा सड़क संपर्क है। यहां कॉलेज खुलने से सुदूर वनांचल और ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कई किलोमीटर दूर नहीं भटकना पड़ेगा और उन्हें सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
पूर्व में जेपरा और आरौद क्षेत्र द्वारा अलग-अलग स्तर पर महाविद्यालय की मांग उठाई जा रही थी। बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया कि आपसी मतभेदों और प्रतिस्पर्द्धा को समाप्त कर दोनों क्षेत्रों की समितियों का विलय किया जाए। इसके तहत 'संयुक्त महाविद्यालय संघर्ष समिति' का गठन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए इस सामूहिक अभियान से जुड़ें। कई जनप्रतिनिधियों ने फोन पर संपर्क कर इस मुहिम को अपना खुला समर्थन दिया।
बैठक के दौरान टंहाकापार से बासानवाही के बीच महानदी पर स्वीकृत उच्चस्तरीय पुल के शीघ्र भूमिपूजन की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि कॉलेज और पुल दोनों ही क्षेत्र के विकास की रीढ़ हैं। आंदोलन को विशाल रूप देने के लिए आगामी चार अक्टूबर को टंहाकापार में साठ गांवों के प्रतिनिधियों की महाबैठक बुलाई गई है, जिसमें शासन-प्रशासन के समक्ष मजबूती से पक्ष रखने की अंतिम रणनीति बनाई जाएगी।