0- तैयारी : कांकेर जिले में 221 स्कूलों में तैयार हो रहे स्मार्ट क्लास रूम
कांकेर। नईदुनिया प्रतिनिधि
जिले के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे। बच्चों को स्कूली शिक्षक ही प्रोजेक्टर के जरिये स्कूल में पढ़ायेंगे। साथ ही बच्चे स्कूल में कंप्यूटर में ई-लर्निंग और डिजिटल बुक से पढ़ाई कर स्मार्ट बन सकेंगे। जिले के हाई व हायर सेकंड्री स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाया जा रहा है। इस योजना से जिले के लगभग छत्तीस हजार विद्यार्थी लाभाविंत होंगे। इस योजना का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाकर परीक्षा परिणाम में सुधार लाना है।
आईसीटी डीजे दुनिया के तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में बदलाव लाने की तैयारी की जा रही है। जिसके तहत जिले की 221 हायर सेकंडरी व हाईस्कूल में डिजिटल क्लासरूम बनाया जा रहा है। अब इन कक्षाओं में बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस प्लानिंग के तहत स्कूलों में कंप्यूटर के स्टेशन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है इस योजना के तहत 2016-17 तक के हायर सेकंडरी व हाईस्कूल को इस योजना में शामिल किया गया है।
वर्तमान समय में स्मार्ट क्लास का महत्व काफी बढ़ गया है जिसके चलते पालक भी चाहते हैं कि उनके बच्चों को अच्छी और आधुनिक शिक्षा मिले जिसे ध्यान में रखकर आईसीटीडी डीजी दुनिया योजना बनाई गई है। इससे सरकारी स्कूल के बच्चों को डिजिटल तकनीक के बारे में जानकारी मिल सके और वह उसे बेहतर ढंग से समझ सके। इस योजना के तहत शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देने की तैयारी है।
शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलने के बाद ही यह स्कूलों में प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ हो सकेगी। स्मार्ट क्लास में विद्यार्थियों की अध्यापन सामग्री कंप्यूटर में लोड रहेगी। विद्यार्थियों की समय समय पर ऑनलाइन परीक्षा ली जाएगी। स्कूलों में कंप्यूटर लैपटॉप प्रोजेक्टर आदि उपकरण विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर प्रदान किए जाएंगे। सहायक जिला परियोजना अधिकारी राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान आरपी मिरे ने बताया कि जिले 109 हाई स्कूल व 134 हायर सेकंडरी स्कूल कुल 243 स्कूल हैं, जिनमें से 221 स्कूल का चयन इस योजना के तहत किया गया है। इस योजना का सीधा लाभ स्कूली छात्रों को मिलेगा। इसमें प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। सभी स्कूलों में प्रोजेक्टर लगाने का कार्य पूरा हो गया है।
सरकार उपलब्ध करा रही संसाधन
स्मार्ट क्लास के लिए कंप्यूटर लैब, वाई-फाई, प्रोजेक्टर समेत अन्य संसाधन भी सरकार उपलब्ध करायेगी। इसमें बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ सकेंगे। कोर्स समेत अन्य आवश्यक किताबें डिजिटल रूप में अपलोड रहेंगे, जिसे वे क्लिक कर पढ़ सकेंगे। शिक्षकों को इसके लिए जिला स्तर पर ट्रेनिंग भी करायी जायेगी।
क्या है स्मार्ट क्लास
स्मार्ट क्लास में शिक्षक बिना चौक-ब्लैक बोर्ड और बच्चे बिना पेन-पेंसिल के पढ़ाई कर सकेंगे। बच्चे रिमोट के जरिये इसका संचालन कर सकेंगे। बच्चे क्लास के साथ-साथ कंप्यूटर लैब में नई तकनीकों से अवगत होंगे। स्कूलों में बच्चे कंप्यूटर लैब में डिजिटल बुक पढ़ सकेंगे। साथ ही विषयों में नई-नई तकनीक की जानकारी भी ले सकेंगे। साथ ही किसी चीज को वीडियो, फोटो और स्कैच के जरिये भी जान सकेंगे।
26 स्कूलों में बनेंगे कंप्यूटर लैब
जिले में स्मार्ट क्लास के लिए चिन्हांकित 221 स्कूलों में से 26 स्कूलों में 20 कंप्यूटरों का एक-एक लैब तैयार किया जाएगा। जिसमें स्कूली बच्चों को कंप्यूटर प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।