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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्यालय में ही रहकर सेवाएं दें डॉक्टर

आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर श्रीमती अलरमेल मंगई डी ने समस्त डॉक्टरों को अपनी पदस्थ गांवों में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करने निर्देश दिए। डॉ. केके मिश्रा ने आयुष विभाग कि विस्तृत जानकारी देते हुए योजनाओं के बारे में बताया कि स्वास्थ्य समाज के लिए आयुर्वेद का उपयोग करना चाहिए।

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Publish Date: Tue, 11 Feb 2014 11:44:57 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Feb 2014 11:44:57 PM (IST)
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मुख्यालय में ही रहकर सेवाएं दें डॉक्टर

कांकेर। आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर श्रीमती अलरमेल मंगई डी ने समस्त डॉक्टरों को अपनी पदस्थ गांवों में रहकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करने निर्देश दिए।

डॉ. केके मिश्रा ने आयुष विभाग कि विस्तृत जानकारी देते हुए योजनाओं के बारे में बताया कि स्वास्थ्य समाज के लिए आयुर्वेद का उपयोग करना चाहिए। कुपोषण की रोकथाम के लिए गांवों में योजना बनाया जाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। वनोषधि एवं पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीणों से सीधा संपर्क, परम्परागत वैद्यों के सलाह से स्वास्थ्य मेला लगाकर कुपोषण का चिन्हांकित कर उन्हें पालकों को खान-पान में बदलाव लाकर उन्हें कुपोषण से बचाया जा रहा है। आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य जीवन शैली को अमल में रखते हुए स्कूलों एवं कालेजों में कार्यक्रम आयोजित कर आयुर्वेद का उपयोग करने का सलाह दी जाती है। किसानों को जड़ी बुटी के बारे में शिविर लगाकर विस्तृत जानकारी दिया जाता है। आयुर्वेद ग्राम में आयुष के पौधे लगाये जाने के बाद उनकी देखभाल के लिए ग्रामों में समिति बनाकर उन्हें सुरक्षित रखा जाता है।

आयुर्वेद से होने वाली उपचार के बारे में जानकारी दी गई। समीक्षा बैठक में आयुर्वेद विभाग की योजनाओं के बारे में समीक्षा किया गया। समीक्षा बैठक में मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके तुर्रे, डॉ. विश्वास, डॉ. अरविन्द मिश्रा, डॉ. विवेद कुमार द्विवेदी, डॉ.रामस्वरूप मरकाम, डॉ. किरण तारम सहित समस्त आयुर्वेद विभाग के डॉक्टर उपस्थित थे।


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