• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • कांकेर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सूखा बीता सावन, नदी-नालों में अब भी जलभराव नहीं

सावन का महीना बीत गया है और नदी नाले अब भी सूखे पड़े हुए हैं। बारिश की कमी के चलते इस बार नदियों में उफान देखने को नहीं मिला है। नदी नालों के सूखे होने...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 25 Aug 2021 06:22:46 AM (IST)Updated Date: Wed, 25 Aug 2021 06:22:46 AM (IST)
सूखा बीता सावन, नदी-नालों में अब भी जलभराव नहीं

कांकेर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।सावन का महीना बीत गया है और नदी नाले अब भी सूखे पड़े हुए हैं। बारिश की कमी के चलते इस बार नदियों में उफान देखने को नहीं मिला है। नदी नालों के सूखे होने के कारण क्षेत्र में जलस्तर भी नीचे ही है। जिससे नलकूप से सिंचाई करने वाले किसानों के लिए भी समस्या बनी हुई है।

अल्प वर्षा के चलते इस वर्ष सावन का महीना पूरा बीत जाने के बाद भी नदियों व तालाबों में पर्याप्त जल भराव नहीं हुआ है और जल स्रोत अब भी खाली पड़े हुए हैं। शहर के मध्य से प्रवाहित होने वाली दूध नदी में अब तक एक बार भी बाढ़ नहीं आई है। दूसरी ओर शहर के अधिकांश तालाबों में पानी नहीं है। बारिश नहीं होने से एक ओर किसानों को अपने फसल की चिंता सता रही है, तो दूसरी ओर भूमिगत जलस्तर भी नीचे जा रहा है। जिले में इस वर्ष पिछले दस वर्ष की औषत वर्षा की तुलना में 45 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। जिले में पिछले दस वर्ष की वर्षा का औषत 1174 मिमी है। वहीं इस वर्ष 636 मिमी औषत वर्षा ही रिकार्ड की गई है। जो औषत वर्षा का 54 प्रतिशत ही है।


बारिश बंद होने के साथ बढ़ी उमस

क्षेत्र में बारिश बंद होने के बाद तापमान में फिर से बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। साथ ही बढ़ती उमस से लोगों को बुरा हाल है। बारिश बंद होने के साथ घरों में लगे कूलर व एसी फिर से चालू हो गए हैं। लोगों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार।