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केशकाल में तेज बहाव में बाइक समेत बहे अंग्रेजी शिक्षक, ग्रामीणों ने रस्सी से रेस्क्यू कर बचाई बाइक

हादसे के बाद शिक्षक और स्थानीय लोगों ने वाहन की तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे बाद वाहन एक पेड़ में अटका हुआ मिला। इसके बाद स्थानीय निवासी रस्सी लेकर मौ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 03:50:22 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 03:50:22 PM (IST)
केशकाल में तेज बहाव में बाइक समेत बहे अंग्रेजी शिक्षक, ग्रामीणों ने रस्सी से रेस्क्यू कर बचाई बाइक
केशकाल में तेज बहाव में बाइक समेत बहे अंग्रेजी शिक्षक

HighLights

  1. नाले में बह गए शिक्षक, बाल-बाल बची जान
  2. छोटी पुलिया और तेज बहाव के बीच सामने आया बड़ा खतरा
  3. ग्रामीणों ने रस्सी के सहारे नाले से निकाली बाइक

चिराग उपाध्याय, केशकाल। शनिवार 12 सितंबर 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल जाने के दौरान हाई स्कूल कुएंमारी में पदस्थ अंग्रेजी शिक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव एक नाले में तेज बहाव की चपेट में आ गए। अचानक पानी के तेज बहाव में शिक्षक वाहन सहित बहने लगे। शिक्षक ने किसी तरह हिम्मत दिखाते हुए अपनी जान बचा ली, लेकिन उनका वाहन पानी के तेज बहाव में बह गया।

हादसे के बाद शिक्षक और स्थानीय लोगों ने वाहन की तलाश शुरू की। करीब डेढ़ घंटे बाद वाहन एक पेड़ में अटका हुआ मिला। इसके बाद स्थानीय निवासी रस्सी लेकर मौके पर पहुंचे। कुएंमारी संकुल एवं बावनीमारी संकुल के शिक्षकों तथा स्थानीय लोगों ने मिलकर रस्सी के सहारे वाहन को बांधा और काफी मशक्कत के बाद उसे नाले से बाहर निकाला।


सामने था करीब 100 फीट गहरा जलप्रपात

बताया जा रहा है कि घटनास्थल के आगे एक बड़ा जलप्रपात है, जिसकी गहराई करीब 100 फीट बताई जा रही है। यदि शिक्षक और उनका वाहन पानी के तेज बहाव के साथ आगे तक बह जाते तो गंभीर हादसा हो सकता था। शिक्षक के सुरक्षित बच जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन इस घटना ने सड़क और पुलिया की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण पर उठाए सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर बड़ी और सुरक्षित पुलिया की आवश्यकता थी, लेकिन यहां छोटी पुलिया का निर्माण किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार पुलिया के बीच में गड्ढा होने के कारण बारिश के दौरान जब नाले में पानी का तेज बहाव होता है, तब यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि पानी कितना गहरा है और सड़क अथवा पुलिया की वास्तविक स्थिति क्या है।

बारिश के दिनों में तेज बहाव के बीच यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर पुलिया की तकनीकी स्थिति की जांच कराने तथा आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित एवं बड़ी पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है।

हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन तो हो सकता है बड़ा नुकसान

ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार को हुई घटना में शिक्षक की जान बाल-बाल बची है। यदि वाहन पेड़ में नहीं अटकता और पानी के साथ आगे बह जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। ऐसे में सवाल यह है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा या समय रहते पुलिया और सड़क की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी? ग्रामीणों ने बारिश के दौरान इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए चेतावनी संकेतक, आवश्यक बैरिकेडिंग और सुरक्षित पुलिया की व्यवस्था करने की मांग की है।