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कांकेर में किसानों की ट्रैक्टर रैली, बोले- कम बारिश से फसल बचाना मुश्किल, कर्जा माफी और मुआवजे की दरकार

कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड में कीट प्रकोप और अल्पवर्षा से फसल खराब होने पर सैकड़ों किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 07:45:18 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 07:46:27 PM (IST)
कांकेर में किसानों की ट्रैक्टर रैली, बोले- कम बारिश से फसल बचाना मुश्किल, कर्जा माफी और मुआवजे की दरकार
कांकेर के किसान ट्रैक्टर रैली कर तहसील कार्यालय जाते हुए। -नईदुनिया

HighLights

  1. मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन
  2. प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कराने की मांग
  3. फसल बीमा और राहत राशि दिलाने का आग्रह

नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड में खरीफ फसलों को हुए नुकसान से आक्रोशित और चिंतित किसानों ने प्रदर्शन किया। लोहत्तर क्षेत्र के करीब चार सौ किसान ट्रैक्टरों में सवार होकर दुर्गूकोंदल तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। किसानों ने हाथों में ज्ञापन लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा और फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर राहत व मुआवजा देने की मांग की।

किसानों का कहना है कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति लोहत्तर के अंतर्गत आने वाले 12 गांवों में इस वर्ष धान की फसल पर माहू, तना छेदक और ब्लास्ट जैसे खतरनाक कीटों का भारी प्रकोप देखा गया है। इसके अलावा समय पर पर्याप्त बारिश न होने के कारण खेतों में खड़ी लगभग 90 प्रतिशत फसल सूखने और बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने बताया कि वे खेती में अपनी पूरी पूंजी लगा चुके हैं, लेकिन प्राकृतिक मार और कीटों के हमले ने उनकी कमर तोड़ दी है।


7 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

तहसील कार्यालय पहुंचे किसानों ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम खेतों का स्थल निरीक्षण कर पारदर्शी सर्वे करे। इस सर्वे प्रक्रिया में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और किसानों को भी शामिल किया जाए ताकि हर प्रभावित किसान का सही आंकलन हो सके। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम, कृषि ऋण में राहत और सूखा प्रभावित घोषित करने जैसी मांगें भी प्रमुख रूप से उठाई गईं।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का पक्ष

प्रदर्शन के दौरान जनपद सदस्य विकास राजू नायक, सरपंच बसंती भालेश्वर, कन्हैया पात्र और चांदनी शांतिलाल जाड़े सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं का पुरजोर समर्थन किया। ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार सुरेन्द्र उर्वशा ने बताया कि क्षेत्र में अब तक मात्र 52 प्रतिशत ही वर्षा हुई है, जिसके कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि फसल कटाई के समय सर्वे कार्य किया जाएगा और किसानों की मांगों व नुकसान की रिपोर्ट शासन को उचित कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।