• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • कांकेर

सांसद भोजराज नाग ने 'नींबू निचोड़कर' बादल तो हटवा दिए, लेकिन विकास निधि के उपयोग में पिछड़े

कांकेर लोकसभा क्षेत्र में सांसद निधि के उपयोग और विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है। उपलब्ध 16 करोड़ से अधिक की राशि में से केवल तीन करोड़ रुपये ही खर्च ...और पढ़ें

By RB news agencyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 08 Sep 2026 05:39:25 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Sep 2026 05:47:25 PM (IST)
सांसद भोजराज नाग ने 'नींबू निचोड़कर' बादल तो हटवा दिए, लेकिन विकास निधि के उपयोग में पिछड़े
कांकेर सांसद भोजराज नाग। अर्काइव

HighLights

  1. कांकेर में सांसद निधि का उपयोग धीमा
  2. 87 स्वीकृत कार्यों में से 58 अभी अधूरे
  3. राज्य के सभी लोकसभा क्षेत्रों में प्रगति धीमी

रवि भूतड़ा, नईदुनिया, बालोद। कांकेर लोकसभा क्षेत्र में सांसद निधि के उपयोग की धीमी रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं। सांसद निधि खर्च करने के मामले में छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा सांसदों में कांकेर सांसद भोजराज नाग सबसे पीछे हैं। कांकेर लोकसभा क्षेत्र के लिए अब तक सांसद निधि के तहत 16 करोड़ 46 लाख 72 हजार 734 रुपये जारी किए जा चुके हैं। लेकिन इसमें से केवल 3 करोड़ 59 लाख 85 हजार 836 रुपये ही खर्च हुए हैं। यानी उपलब्ध राशि का करीब 39.5 प्रतिशत ही उपयोग हो सका है।

सांसद भोजराज नाग की अनुशंसा पर अब तक 87 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से केवल 29 कार्य पूर्ण हुए हैं, जबकि 58 कार्य अभी अधूरे हैं। यानी स्वीकृत कार्यों में लगभग दो-तिहाई काम पूरे नहीं हो सके हैं। यह आंकड़ा ऐसे समय में सामने आया है, जब ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की जरूरत लगातार बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्वीकृति मिलने के बाद भी विकास कार्य जमीन पर रफ्तार क्यों नहीं पकड़ पा रहे हैं..?


2,284 स्वीकृत कार्यों में 1,389 अधूरे

प्रदेश के सभी 11 लोकसभा क्षेत्रों की बात करें तो सांसदों ने अब तक कुल 2 हजार 284 विकास कार्यों को स्वीकृति दी है। इनमें वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के कार्य शामिल हैं। लेकिन इनमें से केवल 895 कार्य ही पूर्ण हो पाए हैं, जबकि 1 हजार 389 कार्य अभी अधूरे हैं।

हर साल मिलता है पांच करोड़

सांसद निधि के तहत प्रत्येक लोकसभा सांसद को प्रतिवर्ष 5 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। यह राशि दो किस्तों में ढाई-ढाई करोड़ रुपये के रूप में जारी होती है। पहली किस्त की लगभग 75 प्रतिशत राशि खर्च होने के बाद दूसरी किस्त जारी की जाती है। ऐसे में निधि का समय पर और प्रभावी उपयोग क्षेत्र में नए विकास कार्यों को गति देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आठ विधानसभा हैं क्षेत्र में

कांकेर लोस अंतर्गत कुल 8 विधानसभा आते है, जिसमें बालोद, गुंडरदेही, डौंडीलोहारा, कांकेर, अंतागढ़, नगरी-सिहावा, भानुप्रतापुर एवं केशकाल है।

बस्तर, सरगुजा और रायपुर में भी धीमी रफ्तार

सांसद निधि से स्वीकृत कार्यों की पूर्णता प्रदेश के अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी संतोषजनक नहीं है। बस्तर में केवल 18.4 प्रतिशत, सरगुजा में 21.2 प्रतिशत और रायपुर लोकसभा क्षेत्र में 23.2 प्रतिशत कार्य ही पूरे हुए हैं। यानी सांसद निधि से विकास कार्यों की स्वीकृति तो हो रही है, लेकिन उन्हें धरातल पर पूरा करने की गति अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में केवल कार्य स्वीकृत करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी समयबद्ध पूर्णता और राशि के प्रभावी उपयोग की निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।