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कांकेर में गढ़िया पहाड़ पर निगरानी करते एक साथ दिखे दो तेंदुए, इधर ढेकलावन में बकरा कर रहा शिकारियों का इंतजार

कांकेर जिले के दो अलग-अलग क्षेत्रों में तेंदुए की दहशत बढ़ गई है। गढ़िया पहाड़ के राजापारा वार्ड में एक साथ दो तेंदुए देखे गए हैं, जिससे स्थानीय लोग भय...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 12:24:08 PM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 12:41:11 PM (IST)
कांकेर में गढ़िया पहाड़ पर निगरानी करते एक साथ दिखे दो तेंदुए, इधर ढेकलावन में बकरा कर रहा शिकारियों का इंतजार
गढ़िया पहाड़ की चट्टान पर बैठकर निगरानी करते तेंदुए। ग्रामीण

HighLights

  1. गढ़िया पहाड़ पर दो तेंदुओं का डेरा
  2. ढेकलावन में 17 दिनों से पिंजरा खाली
  3. ग्रामीणों में दहशत, दिनचर्या प्रभावित

नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। जिले के गढ़िया पहाड़ से लगे राजापारा वार्ड में मंगलवार को दोपहर एक साथ दो तेंदुए देखे गए। दोनों तेंदुए चट्टान से नीचे की निगरानी करते तस्वीरों में कैद हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर नरहरपुर वन परिक्षेत्र के ढेकलावन गांव में पिछले 17 दिनों से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरा बांधा जा रहा है, लेकिन तेंदुआ अब तक जाल में नहीं फंसा है। दोनों ही जगहों पर लोगों में भय का माहौल है।

इससे पहले जिले के गढ़िया पहाड़ से सटे राजापारा वार्ड में मंगलवार को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच दहशत फैल गई। वार्ड के कुछ लोग अपने घरों की छत पर थे, तभी उन्होंने पहाड़ की चट्टानों पर दो तेंदुओं को आराम करते हुए देखा। एक तेंदुआ ऊपर वाले बड़े पत्थर पर बैठा था और दूसरा उससे नीचे वाले पत्थर पर। दोनों तेंदुए पूरी तरह शांत थे और आसपास के माहौल पर नजर रख रहे थे। कुछ देर बाद दोनों तेंदुए घने जंगल की ओर चले गए। वार्डवासियों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।


वार्डवासियों में दहशत, पहले भी दिखते रहे हैं तेंदुए

गढ़िया पहाड़ के आसपास बसे राजापारा वार्ड में तेंदुओं को एक साथ देखे जाने के बाद डर का माहौल है। वार्ड के लोगों का कहना है कि यहां पहले भी तेंदुए दिखाई देते रहते हैं, लेकिन एक साथ दो तेंदुए देखकर सभी घबरा गए हैं।

गढ़िया पहाड़ है वन्यजीवों का कॉरिडोर

वन विभाग के अनुसार गढ़िया पहाड़ क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है। यह इलाका वन्यजीवों के आने-जाने का प्राकृतिक रास्ता भी है। यहां पहले भी तेंदुए, भालू और अन्य जंगली जानवर देखे जा चुके हैं। बारिश के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में जंगली जानवर आबादी क्षेत्र के करीब आ जाते हैं।

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ढेकलावन: 17 दिन से पिंजरे में बंध रहा बकरा, फिर भी नहीं फंसा तेंदुआ

वहीं जिले के दुधावा क्षेत्र अंतर्गत नरहरपुर वन परिक्षेत्र के ढेकलावन गांव में पिछले करीब 20 दिनों से तेंदुए की दहशत बरकरार है। तेंदुए की लगातार गतिविधियों और हमलों से ग्रामीणों में भय है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में विशेष पिंजरा लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 17 दिनों से प्रतिदिन एक बकरे को पिंजरे में लाइव बैट के रूप में बांधा जा रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग पशुपालकों से करीब 400 रुपये प्रतिदिन की दर पर बकरा का किराया ले रहा है। यदि तेंदुआ बकरे का शिकार कर लेता है तो उसकी भरपाई का आश्वासन भी दिया गया है। लेकिन अब तक तेंदुआ पिंजरे के आसपास मंडराने के बाद भी उसके अंदर नहीं गया। कैमरों में एक बार तेंदुआ दिखाई दिया था, लेकिन वह बिना पिंजरे में घुसे वापस जंगल लौट गया।

दिन में जंगल, शाम को गांव, कई लोग हो चुके हैं घायल

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ दिन के समय जंगल क्षेत्र में दिखाई देता है, लेकिन शाम होते ही गांव के आसपास पहुंच जाता है। दो दिन पहले ही शाम को शौच के लिए गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इससे पहले भी तीन से चार लोग घायल हो चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोग शाम ढलते ही घरों में रहने को मजबूर हैं। बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजा जा रहा और गांव की सामान्य दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

कैमरे और टीम तैनात, डीएफओ बोले- सुरक्षित पकड़ने का प्रयास

वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गांव के बाहर और पिंजरे के आसपास ट्रैप कैमरे लगाए हैं। विभाग की टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। इस संबंध में कांकेर डीएफओ रौनक गोयल ने कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रैपिंग सहित कई प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं। पिंजरे में जीवित चारा पूरी सुरक्षा और निर्धारित मानकों के तहत रखा जाता है, इसमें किसी प्रकार की हानि नहीं होती। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बकरा उपलब्ध कराने के एवज में राशि दिए जाने के सवाल पर डीएफओ ने कहा कि विभाग में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर कोई व्यवस्था की गई हो तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।