कांकेर में दो परिवार घर से बेघर, मूल धर्म में वापसी से इनकार के बाद ग्रामीणों ने सामान फेंका
कांकेर में 48 घंटे के भीतर धर्म से जुड़े दो विवाद सामने आए। शव दफनाने का विरोध तेज हुआ, जबकि मूल धर्म में लौटने से इनकार पर दो परिवारों को बेघर कर दिय...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 20 Jul 2026 09:09:09 AM (IST)Updated Date: Mon, 20 Jul 2026 09:17:45 AM (IST)
मूल धर्म में वापसी से इनकार के बाद ग्रामीणों ने उठाया सख्त कदम। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- ढेकुना में शव हटाने को लेकर ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा प्रशासन।
- तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी दी।
- बर्रेबेड़ा में दो परिवारों का सामान गांव से बाहर फेंका गया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। जिले में 48 घंटे के भीतर जिले में धर्म से जुड़े दो नए विवाद सामने आए हैं। एक तरफ ढेकुना गांव में धर्मांतरित व्यक्ति के शव को गांव की सरहद से हटाने की मांग तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ ताड़ोकी क्षेत्र के बर्रेबेड़ा गांव में मूल धर्म में वापसी से इनकार पर 2 मतांतरित परिवारों को बेघर कर दिया गया।
हाटकोंगेरा गांव में शव दफन को लेकर मामला शांत हुआ ही था कि अब पड़ोसी ढेकुना गांव में नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल हाटकोंगेरा, ढेकुना और नारा तीनों गांव की सरहद आपस में जुड़ी हुई है। हाटकोंगेरा के एक धर्मांतरित परिवार ने अपने मृत सदस्य का शव इसी सरहद पर दफना दिया था।
ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान में शव दफनाने का मांग
- इससे नाराज ढेकुना और नारा गांव के ग्रामीणों ने देर रात ढेकुना में बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शव को गांव की सरहद से हटाकर ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान में दफनाया जाए।
- बैठक के बाद ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर और एसपी से मिला और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की सरहद पर शव दफनाने से सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर शव को वहां से हटवाए।
- ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर 3 दिन के भीतर शव नहीं हटाया गया तो हम उग्र आंदोलन करेंगे और चक्काजाम भी कर सकते हैं। ढेकुना के सरपंच ने भी प्रशासन से शव हटाने की अपील की है।
- उल्लेखनीय है कि इससे पहले हाटकोंगेरा में भी 2 दिन तक शव दफन को लेकर बवाल चला था। सरपंच पर अनुमति देने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन भी दिया गया था। जिसके बाद मामला शांत हुआ था।
मूल धर्म में वापसी से इनकार, 2 परिवारों का सामान गांव से बाहर फेंका
- अंतागढ़ विकासखंड के ताड़ोकी थाना क्षेत्र अंतर्गत बर्रेबेड़ा गांव में धर्मांतरण को लेकर तनाव है। गांव के दो परिवारों ने कई साल पहले मतांतरण कर लिया था। पिछले कुछ समय से ग्रामीण उन पर मूल धर्म में वापसी का दबाव बना रहे थे। जब दोनों परिवारों ने इनकार कर दिया तो ग्रामीण एकजुट हुए और सामूहिक निर्णय लेते हुए दोनों घरों का सामान उठाकर गांव की सीमा से बाहर फेंक दिया। इसके बाद घरों में ताला भी लगा दिया गया।
- घटना के समय तेज बारिश हो रही थी। घरेलू सामान, बर्तन और अनाज भीगते रहे। आरोप है कि घटना के दौरान मौके पर न तो पुलिस थी और न ही प्रशासन का कोई अधिकारी।
- घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित परिवारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है या नहीं। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- कांकेर जिले में पिछले कुछ महीनों से धर्मांतरित व्यक्तियों की मौत के बाद शव दफन और सामाजिक बहिष्कार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक तरफ शव को लेकर गांव-गांव में विरोध है, तो दूसरी तरफ मतांतरण को लेकर सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।
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