
भानुप्रतापपुर। भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण पूरे प्रदेश में किसानों की मेहनत से पैदा किया गया लाखों टन धान बारिश में भीगकर खराब हो रहा है। विधायक भानुप्रतापपुर मनोज सिंह मंडावी ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष समर्थन मूल्य में 70 प्रतिषत धान अभी तक असुरक्षित और खुले में पड़ा हुआ है। वर्तमान में लगभग 56 लाख टन धान जिसकी कीमत 7392 लाख रुपए है, पानी में भीग चुका है और खराब हो रहा है। संग्रहण केन्द्रों और खरीदी केन्द्रों में पड़े धान अंकुरित हो गया है। सरकार ने धान की सुरक्षा और रखरखाव के लिये ना कोई ठोस नीति बनाई है और ना ही कार्ययोजना। धान की सुरक्षा के लिये करोड़ों रुपए की केप कव्हर और तिरपाल आदि की खरीदी की गई है, परन्तु केन्द्रों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिख रहा है। धान संग्रहण केन्द्रों में रखें गये धान के बोरे की छल्लियों में पानी भर गया है और पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।