
नईदुनिया प्रतिनिधि, पखांजूर। महाराष्ट्र के सूरजागढ़ लौह अयस्क माइंस से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रशासनिक रोक लगाए जाने के बाद क्षेत्र में रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसी विरोध स्वरूप सोमवार को हजारों की संख्या में प्रभावित युवाओं, चालकों, सहायकों और स्थानीय नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
'रोजगार बचाओ, परिवार बचाओ सुरक्षा मंच' के आह्वान पर निकाली गई इस विशाल रैली में कापसी, बांदे, पखांजूर, मरोड़ा, संगम और बड़गांव अंचल के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सूरजागढ़ माइंस से परलकोट होते हुए स्टेट हाईवे 25 के रास्ते रायपुर और सिलतरा तक खनिज परिवहन का कार्य होता है। सड़क खराब होने का हवाला देकर प्रशासन ने इन भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इस अचानक प्रतिबंध के कारण ट्रक परिवहन, ड्राइवरी, हेल्परी और वाहन सुरक्षा जैसे कार्यों से जुड़े सैकड़ों स्थानीय युवा बेरोजगार हो गए हैं, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक तंगी और भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मेला स्थल से प्रारंभ हुई यह विशाल रैली मछली बाजार, नया बाजार और पुराना बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए उपजिला कलेक्टर (एसडीएम) कार्यालय पखांजूर तक पहुंची। वहां मंच के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और माइंस के वाहनों का परिचालन सुचारू रूप से पुनः शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी इस समस्या का त्वरित और सकारात्मक समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में अंजलि नाला के पास शांतिपूर्ण तरीके से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस उग्र प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन और खनन परिवहन से जुड़े नीति-नियोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।