
नईदुनिया न्यूज, कांकेर। नरहरपुर ब्लाक के हल्बा चौकी अंतर्गत ग्राम डुमरपानी में जमीन खरीदी-बिक्री की रकम में कथित गबन उजागर होने के डर से एक बुजुर्ग की सुनियोजित हत्या की गई थी। इस पूरे मामले में गांव का सरपंच मास्टर माइंड निकला। हल्बा पुलिस ने आठ माह बाद सरपंच समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय समक्ष प्रस्तुत करने के बाद जेल भेज दिया गया।
मामले का राजफाश करते हुए पुलिस ने बताया कि 28 जुलाई को ग्राम डुमरपानी निवासी 75 वर्षीय मिलन पटेल की तबीयत जहर सेवन से बिगड़ने पर उन्हें नरहरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 29 जुलाई को उनकी मौत हो गई थी। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान मृतक की बेटी जागेश्वरी पटेल और अन्य गवाहों ने गांव के 36 वर्षीय वतन पटेल पर संदेह जताया था। पुलिस ने वतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने शराब में जहर मिलाकर मिलन पटेल को पिलाने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के मार्गदर्शन तथा डीआरजी उप पुलिस अधीक्षक अविनाश ठाकुर के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई।
विस्तृत पूछताछ में सामने आया कि आरोपित वतन पटेल ने सोनाराम सिन्हा, बिहारी लाल शोरी और ग्राम सरपंच कंशराम नेताम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस टीम ने सभी आरोपितों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक मिलन पटेल ने अप्रैल 2025 में अपनी जमीन 16 लाख 50 हजार रुपये में बेची थी। जमीन बिक्री की प्रक्रिया में सरपंच कंशराम नेताम (46), सोना राम सिन्हा (40) और बिहारी लाल शोरी (78) सहयोगी के रूप में शामिल थे। बिक्री राशि की वास्तविक रकम में हेरफेर किया गया था। खरीदार द्वारा दिया गया चेक भी सरपंच ने अपने कब्जे में रखा था, जिसे शिकायत के बाद मृतक की पुत्री को सौंपा गया।
मामले की जानकारी मिलन पटेल की बेटी को होने पर गांव में शिकायत और बैठक की बात उठी। इससे घबराकर सरपंच कंशराम नेताम ने 27 जुलाई को सोना राम और बिहारी लाल को अपने घर बुलाया। पुलिस के अनुसार, सरपंच ने दोनों को 10 हजार रुपये, दो पौवा शराब और जहर की डिब्बी देकर मिलन पटेल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
इसके बाद वतन पटेल को भी योजना में शामिल किया गया। पहले उसने मना किया, लेकिन अतिरिक्त रकम का लालच देने पर वह तैयार हो गया। वतन पटेल ने मिलन पटेल को स्टील के गिलास में शराब के साथ जहर मिलाकर पिला दिया। हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 29 जुलाई को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने 26 मई को चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।