
कांकेर। भाषा के पेपर के साथ ही बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई। परीक्षा में सरल प्रश्न पूछे गए थे। जिन्हें हल करने के लिए परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और प्रश्न पत्र को हल करने के लिए पूरे तीन घंटे का समय लिया। परीक्षा में तीन सेट में प्रश्न पूछे गए थे। सभी सेटों में प्रश्न सरल थे, जिसके चलते परीक्षार्थियों के चेहरे खिले हुए नजर आए।
बुधवार से बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई। बोर्ड परीक्षा को लेकर पिछले एक माह से परीक्षार्थी तैयारियों में जुटे हुए थे। पहले ही दिन हिंदी भाषा की परीक्षा थी। जिसमें हिन्दी विशिष्ट, हिंदी व सामान्य विषय के लिए परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा सुबह नौ बजे शुरू हुई और सवा बारह बजे तक चली। प्रश्न पत्र तीन सेट में पूछा गया था। परीक्षा के बाहर आने वाले सभी परीक्षार्थियों से एक समान ही प्रतिक्रियाएं मिली। छात्रा यामिनी यादव व फिजा खान ने बताया कि हिन्दी विषय की परीक्षा थी, परीक्षा में काफी सरल प्रश्न पूछे गए थे, जिन्हें हल करने में कठिनाई नहीं हुई। सुमित्रा टांडिया ने बताया कि परीक्षा की तैयारी उन्होंने एक माह पूर्व ही शुरू कर दी थी।
परीक्षा की तैयारी अच्छी होने के कारण उन्हें प्रश्नों को हल करने में दिक्कत नहीं हुई। साथ ही छात्रों ने बताया कि अगले पर्चे के लिए वे सभी आज से ही तैयारी में जूट जाएंगे। जिले में इस वर्ष दसवीं कक्षा के लिए 11648 नियमित व प्राइवेट छात्र पंजीकृत हैं और बारहवीं कक्षा के लिए 9749 नियमित व प्राइवेट छात्र पंजीकृत हैं। बारहवीं के साथ ही दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं भी 3 मार्च से शुरू हो जाएंगी।
स्वास्थ्य मंत्री को लिखा टीकाकरण की अनिवार्यता के लिए पत्र
हिंदी की परीक्षा में कोरोना संक्रमण से संबंध प्रश्न भी शामिल किये गए थे। जिसमें छात्रों को कोरोना के बढ़ते प्रकोप से बचाव के लिए टीकाकरण की अनिवार्यता पर स्वास्थ मंत्री को पत्र लिखने को कहा गया था। परीक्षार्थियों ने बताया कि उन्होंने इस प्रश्न को हल किया और स्वास्थ मंत्री को इसके लिए पत्र लिखा।
आफलाइन परीक्षा को छात्रों ने बताया बेहतर
कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष भी स्कूलों में पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो सकी और आफलाइन के साथ-साथ आनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई हुई। जिसके बाद अब आफ लाइन परीक्षा ली जा रही है। आफ लाइन परीक्षा को लेकर परीक्षार्थी संतुष्ट दिखाई दिए और उन्होंने आफलाइन परीक्षा को आनलाइन के मुकाबले बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि इससे उनकी पढ़ाई का बेहतर मूल्यांकन संभव है।