
नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कुहचे कैंप में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात एक हेड कांस्टेबल ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक जवान की पहचान आनंद प्रकाश तिवारी के रूप में हुई है, जो एसएसबी की 28वीं बटालियन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका परिवार उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर सुरक्षा बलों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और दबाव के गंभीर मुद्दों को सतह पर ला दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार की सुबह करीब पांच बजे कैंप परिसर के भीतर घटी। सुबह के वक्त अचानक गोली चलने की आवाज और उसके बाद जवान के मृत अवस्था में मिलने से कैंप में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही अंतागढ़ थाना पुलिस और एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी विशेष रूप से बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से तमाम जरूरी साक्ष्य और फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के वक्त असल परिस्थितियां क्या थीं।
कांकेर के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थानीय पुलिस टीम हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस अब मृतक जवान के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और हालिया बातचीत की भी तकनीकी जांच करेगी ताकि यह साफ हो सके कि पिछले कुछ दिनों में वह किसी मानसिक दबाव या निजी परेशानी से जूझ रहे थे या नहीं।
इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में रह रहे उनके परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दे दी गई है। परिजनों से बात कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि जवान के भीतर किसी प्रकार का तनाव तो नहीं था।
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा इस तरह उठाए गए चरम कदमों के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। साल 2024 और 2025 के दौरान सुकमा, बीजापुर, रायपुर, कोंडागांव, धमतरी और कांकेर जैसे जिलों से सीएपीएफ और एसएसबी जवानों के इस तरह के कई दुखद मामले सामने आ चुके हैं। बस्तर संभाग और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कठिन परिस्थितियों के बीच ड्यूटी करने वाले जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी काउंसलिंग को लेकर अब एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।