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कांकेर में माओवादी डंप के 20 लाख गायब, दो डीएसपी पर बंटवारे का आरोप, एसपी ने रिपोर्ट भेजी

कांकेर के आमाबेड़ा में माओवादी डंप से मिले बीस लाख रुपये सरकारी खाते में जमा न कर आपस में बांटने का आरोप दो तत्कालीन डीएसपी पर लगा है। एसपी निखिल राखे...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 06:59:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 07:01:37 PM (IST)
कांकेर में माओवादी डंप के 20 लाख गायब, दो डीएसपी पर बंटवारे का आरोप, एसपी ने रिपोर्ट भेजी
कांकेर में पदस्थ रहे दो डीएसपी पर लगा बीस लाख की हेराफेरी का आरोप। -एआई

HighLights

  1. माओवादी डंप के बीस लाख हड़पने का आरोप
  2. एसपी निखिल राखेचा ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट
  3. पूर्व सरपंच को झूठे नक्सल मामले में फंसाया

नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। आमाबेड़ा क्षेत्र के दो अलग-अलग जंगलों में माओवादियों के डंप से बरामद करीब 20 लाख रुपये को दो डीएसपी के आपस में बांट लेने का मामला सामने आया है। एसपी निखिल राखेचा ने मामले की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट अगस्त माह में उच्च कार्यालय भेज दी है। अब ऊपर से आदेश का इंतजार है।

जानकारी के अनुसार मार्च-अप्रैल 2026 में मुरगांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के दौरान नकदी बरामद हुई थी। आरोप है कि बरामद रकम को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया।


यहां-यहां से मिली नकदी गायब

बताया गया कि तत्कालीन डीएसपी अपनी टीम के साथ मुरगांव के आश्रित ग्राम टोंडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों में सर्चिंग के लिए निकले थे। टोंडेमरका जंगल से करीब 15 लाख और मरकाकोनारी से करीब 5 लाख रुपये बरामद हुए थे। मामले की जानकारी एसपी तक पहुंचने के बाद जांच कराई गई, लेकिन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है

दोनों का ट्रांसफर

जून-जुलाई माह में दोनों डीएसपी का स्थानांतरण कोरबा और दंतेवाड़ा जिले में हो गया है। स्थानांतरण के बाद मामला उजागर हुआ है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से पूछताछ में इसका खुलासा होने की चर्चा है।

बरामद रकम या सामान सरकारी खाते में होता है जमा

माओवादी इलाके में गश्त के दौरान मिले डंप रकम हो या सामान सभी को सरकार के पास जमा करना पड़ता है। अपने पास रखना यह भी अपराध होता है। आमाबेड़ा क्षेत्र में गश्त के लिए दोनों डीएसपी अकेले निकल जाते थे, किसी अन्य पुलिसकर्मी को साथ नहीं ले जाते थे। जबकि नियमतः बीडीएस और पुलिस टीम के साथ गश्त करनी होती है। जंगल में माओवादियों द्वारा प्लांट की गई आईईडी के ब्लास्ट होने का खतरा बना रहता है।

पैसे मांगने की शिकायत के 6 दिन बाद पूर्व सरपंच गिरफ्तार

10 जुलाई 2025 को दो डीएसपी के खिलाफ पैसे मांगने की शिकायत हुई थी। शिकायत के 6 दिन बाद ही ग्रामीण पूर्व सरपंच रमेश मंडावी को माओवादी होने के आरोप में पकड़ लिया गया। इससे पहले ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत की थी कि डीएसपी पैसे की मांग कर रहे हैं और नहीं देने पर माओवादी प्रकरण में फंसाकर गिरफ्तार करने की धमकी दे रहे हैं।

प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट भेजी

टोंडेमरका जंगल से करीब 15 लाख और मरकाकोनारी से करीब 5 लाख रुपये बरामदगी के दो मामलों की प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।

- निखिल राखेचा, एसपी, कांकेर।