कांकेर के दुर्गूकोदल पुष्प स्टील माइंस में तीन मशीनें फूंकीं, लाल स्याही में लिखे मिले लाल सलाम और धमकी भरे दो पर्चे
कांकेर जिले के दुर्गूकोदल अंतर्गत ग्राम चेमल स्थित पुष्प स्टील माइंस में असामाजिक तत्वों ने रास्ता निर्माण में लगी तीन चैन माउंटेन मशीनों को जला दिया।...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 08:03:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 08:10:08 PM (IST)
कांकेर में फूंके गए उपकरण। - पुलिस नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। कांकेर जिले के लोहत्तर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गूकोदल के ग्राम चेमल में संचालित पुष्प स्टील माइंस में सोमवार देर रात अज्ञात लोगों ने उत्पात मचाया। खदान तक पहुंच मार्ग तैयार करने के काम में जुटीं तीन बड़ी चैन माउंटेन मशीनों को आग के हवाले कर दिया गया। सुबह जब ऑपरेटर काम पर पहुंचे तो मशीनें जली हुई मिलीं।
करोड़ों रुपये की मशीनों के जलने और घटना के बाद खनन क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में भय व दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। कंपनी प्रबंधन ने तुरंत इसकी लिखित सूचना स्थानीय थाने को दी।
मौके से मिले लाल स्याही वाले धमकी भरे पर्चे
सूचना मिलने पर लोहत्तर थाना प्रभारी ऋषभ बाजपेयी के नेतृत्व में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। बारीकी से मुआयना करने के दौरान पुलिस को मौके से लाल स्याही से हस्तलिखित दो पर्चे बरामद हुए। पहले पर्चे में चेमल खदान को सही-सलामत संचालित करने, काम को बार-बार बंद नहीं करने और पांच दिनों के भीतर मांगें पूरी न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी गई है। वहीं दूसरे पर्चे में भुगतान और 'लाल सलाम जिंदाबाद' जैसे नारे दर्ज हैं। पर्चों में प्रयुक्त भाषा और शैली से पुलिस इसे माओवादी अथवा संगठित असामाजिक तत्वों की करतूत मानकर पड़ताल कर रही है।
कर्मचारियों में खौफ और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद से माइंस में काम करने वाले कर्मचारियों और ऑपरेटरों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से कार्यस्थल की सुरक्षा कड़ी कर दी है। क्षेत्र में पूर्व में भी खनन कार्यों को लेकर विरोध के स्वर उठते रहे हैं। ऐसे में पुलिस स्थानीय विवाद, लेवी वसूली और बाहरी तत्वों की संलिप्तता समेत तमाम कोणों को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है।
पुलिस ने तेज की जांच पड़ताल
थाना प्रभारी ऋषभ बाजपेयी ने बताया कि अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम की मदद से क्षेत्र में सुराग तलाशे जा रहे हैं। घटनास्थल के आसपास आवाजाही करने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को बेनकाब करने का दावा किया गया है।
माओवाद से मुक्ति के बाद पहली आगजनी
बता दें कि माओवाद मुक्त बस्तर अभियान के बाद वाहनों को आग लगाने की यह पहली घटना है। वहीं इससे पहले वर्ष अक्टूबर 2015 में एक निजी माइंस के लौह अयस्क खदान में 26 वाहनों को आग लगा दी थी। वर्ष जुलाई 2017 में कोरर थाना क्षेत्र में बरबसपुर स्थित खदान की 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया थी। 2022 में जिले के चारगांव में खदान के पास खड़े दो ट्रकों और दो एसयूवी वाहनों और 2023 में पखांजूर क्षेत्र के छोटेबेटिया थाना अंतर्गत सितरम के आसपास सड़क निर्माण में लगी पांच गाड़ियों में आग लगाई थी।