कांकेर।

दुर्गूकोंदल तहसील के अंतर्गत ग्राम रसोली में 220 हेक्टेयर भूमि आवंटन के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल के तरफ से भानुप्रतापपुर में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन गुपचुप किया गया। जिसमें ग्रामीणों ने पहुंचकर हल्ला बोला। ग्रामीणों के दबाव से जनसुनवाई रद्द करनी पड़ी।

क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल जगदलपुर द्वारा लौह अयस्क उत्खनन के लिए नवभारत फ्यूज कंपनी रायपुर को लीज खनन के लिए आवंटित करने जनसुनवाई रखी गई थी। ग्रामीण का आरोप है जानबूझकर इसे गोपनीय तरीके से भानुप्रताापपुर में रखा गया, जबकि मामला दुर्गूकोंदल तहसील का है। जगन्नाथ साहू, देवेंद्र टेकाम भाजपा अध्यक्ष, सोपसिंह आंचला कांग्रेस अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी के देवलाल नरेटी, जनपद सदस्यों में पुसऊराम दुग्गा व रूपसिंह कोमरा की अगुवाई में लगभग दो दर्जन ग्रामीण जनसुनवाई स्थल पहुंचे और जनसुनवाई स्थगित करने की मांग की। इन लोगों का आरोप था कि जब मामला दुर्गूकोंदल तहसील का है तो जो भी दावा आपत्ति करनी है वह दुर्गूकोंदल के ग्रामीण करते। गोपनीय तरीके से भानुप्रतापपुर में जनसुनवाई की रस्म अदायगी की जा रही है। इसके पहले भी कई कंपनियां बड़े-बड़े वायदे कर यहां के रहवासियों को बेवकूफ बनाकर चली गई।

गौरतलब है कि ग्राम रसोली का उत्खनन क्षेत्र ग्राम रसूली भानुप्रतापपुर तहसील से लगभग 35 किलोमीटर दूर है। उक्त वन क्षेत्र वनखण्ड पुराना 338, नया 615 एवं पुराना 339 व नया 616, कुल 220 हेक्टेयर में मेसर्स नवभारत फ्यूज कंपनी रायपुर के द्वारा लोक सुनवाई की जा रही थी जिसमें ग्रामीणों की उपस्थिति नहीं के बराबर थी। महज 20 से 30 ग्रामीण शामिल हुए। जनसुनवाई का विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि जानबूझकर ऐसी अखबारों में जनसुनवाई की सूचना प्रकाशित कराई गई जिन्हें यहां पढ़ा नहीं जाता। स्थानीय पर्यावरण प्रेमी राजेश रंगारी ने भी लोक सुनवाई में पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि उक्त वन क्षेत्र में वनों का घनत्व 0.6 से ज्यादा है। अतः सर्वे की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

वनोपज से करते हैं जीविकोपार्जन

70 वर्षीय धनसिंह टोप्पा ने कहा कि उक्त क्षेत्र में तीन चार पीढ़ियों से आसपास के ग्रामीण वनों एवं वहां से निकलने वाले वनोपज से जीविकोपार्जन कर रहे हैं। इसे उत्खनन के लिए कंपनी को नहीं दिया जाना चाहिए। जनपद पंचायत दुर्गूकोंदल के सभापति कृषि समिति सोप सिंह आचला द्वारा आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा गया कि जिस क्षेत्र पर उत्खन्न के लिए सुनवाई की जा रही है उसकी जानकारी ग्रामिणों के साथ-साथ क्षेत्र प्रतिनिधी होने के नाते मुझे भी नहीं दी गई। आम आदमी पाटी के जिला संयोजक देवलाल नरेटी ने कहा कि कंपनी उत्खनन से पहले ग्रामीणों को कई लोक लुभावने सुविधाएं देने की बात करते हैं पर उत्खन्न कार्य शुरु होने के बाद सारे वादे भूल जाते हैं। अब तक क्षेत्र में कई कंपनियों द्वारा उत्खन्न किया जा रहा है पर ग्रामीण आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। जगन्नाथ साहू ने कहा कि जिस क्षेत्र में उत्खनन किया जाना है उस क्षेत्र में सुनवाई किया जाना चाहिए। इस सुनवाई का मैं विरोध करता हूं। लोक सुनवाई में जिले के उप जिला दण्डाधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण वन संरक्षण मंडल जगदलपुर उपस्थित थे। जिसमें थाना प्रभारी व पुलिस के काफी जवान मुस्तैद थे।

जनसुनवाई स्थगित : मांझी

कांकेर जिला प्रशासन के तरफ से जनसुनवाई में पहुंचे अतिरिक्त कलेक्टर विपिन मांझी ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर विचार करते हुए आज की जनसुनवाई स्थगित की गई है। आगामी कार्यक्रम प्रशासन के निर्देशानुसार तय की जाएगी व सभी पक्षों से राय ली जाएगी। उसके बाद ही निर्णय हो सकता है।

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