CG News: पुष्पा स्टाइल में गांजा तस्करी कर खुद को समझ रहा था स्मार्ट, पुलिस ने निकाल दी होशियारी
कबीरधाम पुलिस ने चिल्फी घाटी में कंटेनर से 900 किलो गांजा जब्त किया। पांच करोड़ की खेप ओडिशा से राजस्थान ले जाई जा रही थी। एक आरोपित गिरफ्तार।
Publish Date: Wed, 25 Feb 2026 11:07:13 AM (IST)Updated Date: Wed, 25 Feb 2026 11:07:13 AM (IST)
अंतरराज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई। (फाइल फोटो)HighLights
- चिल्फी घाटी में कंटेनर से गांजा बरामद।
- 900 किलो गांजा, कीमत पांच करोड़।
- लोहे के गुप्त चैंबर में छिपाई खेप।
नईदुनिया न्यूज, कवर्धा। कबीरधाम जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ का गांजा जब्त किया है। 50 लाख के कंटेनर को भी जब्त कर लिया गया है। ओडिशा से राजस्थान ले जाए जा रहे 9 क्विंटल गांजे को पुलिस ने चिल्फी घाटी के पास घेराबंदी कर पकड़ा।
तस्करों ने गांजा छिपाने के लिए भारी-भरकम कंटेनर के भीतर लोहे की चादरों से विशेष "गुप्त चैंबर" बनवाया था, जिसे पुलिस की पैनी नजरों ने पकड़कर तस्करी के शातिर नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। मामले में एक आरोपित आयाज खान (भरतपुर, राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित ने कबूल किया है कि वह गांजे की यह खेप ओडिशा के आंतरिक इलाकों से लोड कर राजस्थान के विभिन्न शहरों में खपाने के लिए ले जा रहा था।
हाईवे पर चेकिंग के दौरान ऐसे गहराया शक
- जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों और अंतरराज्यीय मार्गों पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान चिल्फी थाना क्षेत्र में नागालैंड पासिंग एक भारी भरकम कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई। पुलिस की टीम ने जब बारीकी से जांच की, तो कंटेनर की ऊपरी छत और बाडी के बीच कृत्रिम तरीके से बनाए गए एक विशाल गुप्त बॉक्स का पता चला, जिसने तस्करी की पोल खोल दी।
- पुलिस ने विशेषज्ञों और वेल्डिंग कटर की मदद से लोहे की चादरों से ढंके गुप्त चैंबर को खुलवाया। चैंबर खुलते ही वहां 30-30 किलो की कुल 30 बोरियां बरामद हुईं, जिनमें उच्च गुणवत्ता वाला 900 किलो गांजा भरा हुआ था। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने नशीली खेप के साथ तस्करी में प्रयुक्त 50 लाख रुपये के कंटेनर को भी जब्त कर लिया है।
कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई ने कहा कि आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स, टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल पदचिह्नों को खंगाला जा रहा है।