• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • कवर्धा

छत्तीसगढ़ में इस गांव के दशकों का दुख हुआ दूर, कवर्धा का 'चंडालपुर' अब बना चंदनपुर

कबीरधाम जिले के चंडालपुर गांव का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर चंदनपुर कर दिया गया है। तेज बारिश के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गांव पहुंचकर ग्रामीणो...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 04:51:55 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 04:53:53 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में इस गांव के दशकों का दुख हुआ दूर, कवर्धा का 'चंडालपुर' अब बना चंदनपुर
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीणों काे गांव के नाम बदलाव का आदेश सौंपते हुए। -डीपीआर

HighLights

  1. चंडालपुर का नाम बदलकर अब हुआ नया चंदनपुर
  2. उप मुख्यमंत्री ने सौंपा आधिकारिक राजपत्र का दस्तावेज
  3. दस्तावेज सुधार के लिए लगेगा विशेष प्रशासनिक शिविर

डिजिटल टीम, नईदुनिया, रायपुर। कबीरधाम जिले के चंडालपुर गांव के ग्रामीणों के लिए शुक्रवार की रात ऐतिहासिक और गौरवमयी बन गई। दशकों से अपने गांव का नाम बदलने की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों की मांग अंततः पूरी हो गई है। भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की परवाह किए बिना प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा देर रात स्वयं गांव पहुंचे। उनके हाथ में शासन द्वारा जारी वह आधिकारिक राजपत्र था, जिसने गांव को एक नई और सम्मानजनक पहचान दी।

राजपत्र की प्रति हाथ में आते ही समूचे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आतिशबाजी और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया तथा उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। अब यह गांव आधिकारिक तौर पर ‘चंदनपुर’ के नाम से जाना जाएगा।


विकास कार्यों के लिए 11.70 लाख रुपये की सौगात

नाम परिवर्तन के इस उल्लासपूर्ण अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने गांव के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 11.70 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड और सामुदायिक भवन निर्माण की सौगात दी। उन्होंने कहा कि विकास की मुख्यधारा से गांव को जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विशेष शिविर लगाकर करेंगे नाम संशोधन

इसके साथ ही ग्रामीणों की व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द गांव में एक विशेष प्रशासनिक शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर के माध्यम से आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, बैंक खाते और राजस्व अभिलेखों में गांव का नाम संशोधन करने का कार्य एक ही स्थान पर निबटाया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

सरकारी अभिलेखों और वेब पोर्टल में दर्ज हुआ नया नाम

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी करते हुए ग्राम चंदनपुर के नामकरण का राजपत्र में औपचारिक प्रकाशन कर दिया गया है। इसके बाद अब यह नया नाम सभी सरकारी विभागों, राजस्व दस्तावेजों और शासकीय वेब पोर्टलों में स्थायी रूप से अंकित हो गया है।

लंबी चली प्रक्रिया

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग के अनुरूप विधिवत प्रस्ताव तैयार कर पहले मंत्रिमंडल में चर्चा कराई गई और फिर माननीय राज्यपाल के अनुमोदन के पश्चात इसका अंतिम प्रकाशन हुआ। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अब बोलचाल और सभी सामाजिक कार्यों में 'चंदनपुर' नाम का ही प्रयोग करें ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे गर्व से अपना सकें।

नाम में समाहित होती है सांस्कृतिक पहचान और आत्मसम्मान

उप मुख्यमंत्री ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी गांव का नाम सिर्फ एक भौगोलिक पता नहीं होता, बल्कि उसमें वहां का समृद्ध इतिहास, लोक परंपरा, संस्कृति और ग्रामीणों का आत्मसम्मान समाहित होता है। पुराने नाम से ग्रामीणों के मन में एक प्रकार का सामाजिक संकोच बना रहता था, जिसे दूर कर चंदनपुर नाम दिया गया है। यह निर्णय स्थानीय अस्मिता और जनभावनाओं का सच्चा सम्मान है।

पहले भी बदले गए हैं प्रदेश के गांवों के नाम

छत्तीसगढ़ में अटपटे, अपमानजनक और असहज करने वाले नामों से गांवों को मुक्त कर उन्हें सम्मानजनक पहचान देने की पुरानी परंपरा रही है। राज्य शासन ने जनभावनाओं और सामाजिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अनेक गांवों के नामों में बदलाव किए हैं।

गधाभाटा, कुकरमुंडा, चोरभट्टी के नाम भी बदले

पूर्व के वर्षों में विभिन्न जिलों में प्रचलित 'गधाभाठा', 'कुकरमुंडा', 'चोरभट्टी' और 'नंगई' जैसे असहज करने वाले नामों को बदलकर क्रमशः सुंदरनगर, सूर्यनगर, शांतिनगर अथवा शिवपुर जैसे गरिमापूर्ण नाम दिए गए। इसके अलावा ब्रिटिश हुकूमत और सामंती दौर के अप्रिय नामों को हटाकर स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और लोक प्रतीकों के नाम पर रखा गया है। यह प्रशासनिक पहल ग्रामीणों को हीन भावना से उबारकर उनके आत्मसम्मान और स्थानीय संस्कृति को पुनर्स्थापित करती है।