
नईदुनिया प्रतिनिधि, कवर्धा। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा शनिवार को शिक्षक दिवस के आयोजन में अलग ही अंदाज में दिखाई दिए। अपने गृह क्षेत्र कवर्धा में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके समय में माना जाता था कि मार पड़े दम-दम, विद्या आए छम-छम। अब समय बदल गया है। उन्हें लगता है कि विद्यार्थियों को ठीक रास्ते पर लाने का दायित्व शिक्षकों का ही है।
अपने गुरुजनों और विद्यालय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि इन दिनों स्कूली बच्चे अपने स्कूल की साफ-सफाई करते हैं तो उसे मुद्दा बनाकर नकारात्मक तरीके से प्रचारित किया जाता है। स्कूल की साफ-सफाई में विद्यार्थी हिस्सा नहीं लेंगे तो कौन लेगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने स्कूल का पंखा साफ करके आए हैं।
कवर्धा में शिक्षक दिवस पर आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह के दौरान एक सौ आठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर क्षेत्र में स्मार्ट क्लासरूम, बालिका शौचालयों के निर्माण और नए मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने जैसी महत्वपूर्ण विकास पहलों की जानकारी साझा की।
समारोह को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और जीवन की दिशा तय करते हैं। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि स्वामी करपात्री जी विद्यालय में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की। गुरुजनों से मिले ज्ञान और संस्कार आज भी उनके जीवन में उपयोगी हैं।
अपने गुरुजनों के चरण छूकर लिया आशीर्वाद
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब उप मुख्यमंत्री ने अपने गुरुजनों जी.आर. चंदेल, पी.पी. दुबे, एम.आर. महोबिया, विजेंद्र श्रीवास्तव और एम.के. गुप्ता का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। उन्होंने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। शर्मा ने कहा कि गुरु से मिले संस्कार जीवन की मजबूत नींव बनते हैं।
84 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की पहल
विजय शर्मा ने बताया कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 84 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 50 स्कूलों में सुविधा शुरू हो चुकी है, जबकि 34 में काम जल्द पूरा होगा। आधुनिक तकनीक के जरिए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर है।
7500 स्कूलों में बालिका शौचालय
उन्होंने बताया कि छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण देने के लिए 7500 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यालयों में छात्राओं की सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी शिक्षा से निरंतरता बनाए रखना है।
मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई 50 सीटों की पढ़ाई
जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए शर्मा ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष 50 सीटों पर पढ़ाई शुरू हो गई है। सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले पहले विद्यार्थी बने। उन्होंने इसे जिले में चिकित्सा शिक्षा के नए अवसरों की शुरुआत बताया।