
नईदुनिया न्यूज, बोड़ला। थाना बोड़ला क्षेत्र के ग्राम राम्हेपुर खुर्द निवासी 25 वर्षीय जुगेश्वर कुमार साहू की शिकायत पर खेल विभाग में खेल प्रशिक्षक (कोच) की नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ है। दर्ज एफआईआर के अनुसार लैलूंगा निवासी कलिंदर मिंज ने स्वयं को छत्तीसगढ़ सेवन इनसाइड फुटबॉल संघ का सचिव बताते हुए शिकायतकर्ता को खेल विभाग में भर्ती निकलने की जानकारी दी।
मोबाइल पर भर्ती का नोटिफिकेशन दिखाकर आवेदन भरवाया गया और दसवीं-बारहवीं की अंकसूची, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा फोटो अपने पास रख लिए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार नौकरी लगने के बाद दो लाख रुपये देने की बात कही गई, जबकि अलग-अलग समय पर उससे कुल 1 लाख 30 हजार रुपये नगद लिए गए।
बाद में बिना किसी परीक्षा या चयन प्रक्रिया में शामिल हुए उसके मोबाइल पर सुकमा में खेल प्रशिक्षक पद का नियुक्ति पत्र व्हाट्सएप से भेज दिया गया। नियुक्ति पत्र का सत्यापन कराने सुकमा पहुंचे शिकायतकर्ता को खेल विभाग ने दस्तावेज फर्जी होने की जानकारी दी। इसके बाद थाना सुकमा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 336(3) एवं 340(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया। चूंकि रुपये का लेन-देन, दस्तावेज सौंपना तथा व्हाट्सएप पर नियुक्ति पत्र प्राप्त होने की घटना थाना बोड़ला क्षेत्र से संबंधित पाई गई, इसलिए मूल एफआईआर और 12 पन्नों की केस डायरी विवेचना के लिए थाना बोड़ला भेज दी गई।
दर्ज एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता की पहचान करीब डेढ़ वर्ष पहले रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के दौरान कलिंदर मिंज से हुई थी। बाद में दोनों छत्तीसगढ़ सेवन इनसाइड फुटबॉल संघ के माध्यम से गोवा में आयोजित प्रतियोगिता में भी साथ गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इसी परिचय और विश्वास के कारण उसने आरोपी की बातों पर भरोसा किया।
भर्ती दिखाकर दस्तावेज लिए, कहा नौकरी लगने पर देना होगा दो लाख
एफआईआर के अनुसार नवंबर 2025 में आरोपी ने खेल प्रशिक्षक पद की भर्ती का नोटिफिकेशन मोबाइल पर दिखाया। इसके बाद आवेदन भरवाकर सभी आवश्यक दस्तावेज लिए और कहा कि नौकरी लगने पर दो लाख रुपये देने होंगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने कुल 1 लाख 30 हजार रुपये नगद दिए। बाद में 17 मार्च 2026 को आरोपी ने फोन-पे के माध्यम से 40 हजार रुपये वापस किए, जबकि शेष राशि वापस नहीं की। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उसे यह जानकारी नहीं है कि उसके दस्तावेज वास्तव में विभाग में जमा किए गए या नहीं।
दर्ज एफआईआर के अनुसार 10 जून 2026 को व्हाट्सएप पर नियुक्ति पत्र भेजते हुए 20 से 30 जून के बीच कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने कई बार नियुक्ति पत्र की मूल प्रति मांगी, लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई। 29 जून को वह पहले रायपुर स्थित खेल विभाग पहुंचा, जहां कार्यालय बंद मिला। 30 जून अंतिम ज्वाइनिंग तिथि होने के कारण वह सीधे सुकमा कलेक्ट्रेट स्थित खेल विभाग पहुंचा। वहां अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताया। शिकायतकर्ता ने नियुक्ति पत्र की प्रति सहित लिखित आवेदन थाना सुकमा में प्रस्तुत किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद क्षेत्राधिकार थाना बोडला का पाए जाने पर पूरा प्रकरण विवेचना के लिए बोडला भेज दिया गया, जहां अब पुलिस रुपये के लेन-देन, दस्तावेजों, व्हाट्सएप संदेशों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच करेगी।