
नईदुनिया न्यूज़, कवर्धा। कबीरधाम जिले के बहुचर्चित होम थिएटर ब्लास्ट मामले में अदालत ने आरोपी सरजू उर्फ संजू मरकाम को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। शादी के उपहार में दिए गए होम थिएटर में विस्फोटक लगाकर धमाका करने से दो लोगों की मौत और पांच लोगों के घायल होने के मामले में घटना के करीब तीन साल चार माह बाद 14 अगस्त 2026 को फैसला आया।
अपर सत्र न्यायाधीश कबीरधाम गितेश कुमार कौशिक ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के दो मामलों और धारा 307 के पांच मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास आरोपी के जैविक जीवन के अंत तक रहेगा और उसे दंड के लघुकरण, परिहार अथवा किसी अन्य छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
घटना 3 अप्रैल 2023 की सुबह करीब 9 बजे ग्राम चमारी, थाना रेंगाखार स्थित मेहर मरावी के घर हुई थी। शादी समारोह के बाद मिले उपहारों को एक कमरे में रखा गया था। इसी दौरान सोनी कंपनी के होम थिएटर को बिजली से जोड़ते ही जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके में हेमेन्द्र मेरावी की मौत हो गई, जबकि राजकुमार मेरावी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सौरभ, सूरज, शिवकुमार, दीपक और शेरसिंह घायल हुए। विस्फोट से कमरे की दीवार, छत और भीतर रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ।
अभियोजन के अनुसार आरोपी का ललिता धुर्वे से प्रेम संबंध था। हेमेन्द्र के साथ विवाद के बाद उसके और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 31 मार्च 2023 को होम थिएटर खरीदा था। इसकी खरीदी की रसीद और भुगतान संबंधी दस्तावेज अदालत में पेश किए गए। बाद में होम थिएटर को गिफ्ट पैक कराया गया। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को इसे पैक कराते हुए पाया गया। गवाह के अनुसार आरोपी ही मोटरसाइकिल से होम थिएटर लेकर घटनास्थल तक पहुंचा था।
विवेचना के दौरान घटनास्थल से बारूदयुक्त मिट्टी, तार, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, होम थिएटर का कार्टन सहित कई साक्ष्य जब्त किए गए। आरोपी की निशानदेही पर बारूद जैसा पदार्थ, सुतली बम की रस्सी, स्क्रूड्राइवर, होम थिएटर की खरीदी का बिल और मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में घटनास्थल और कपड़ों के नमूनों में विस्फोटक पदार्थ के अंश पाए जाने का उल्लेख है।
अदालत ने धारा 302 दो बार, 307 पांच बार, 436 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3 और 5 के तहत आरोपी को दोषी माना। धारा 302 के दोनों मामलों में अलग-अलग आजीवन कारावास और 2-2 हजार रुपए अर्थदंड, जबकि धारा 307 के पांचों मामलों में प्रत्येक के लिए आजीवन कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड लगाया गया। धारा 436 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं में भी सजा सुनाई गई। कुल अर्थदंड 9 हजार 500 रुपए है और सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
न्यायालय ने 12 अगस्त को निर्णय सुरक्षित रखा और 14 अगस्त को फैसला सुनाया। आरोपी 5 अप्रैल 2023 से न्यायिक अभिरक्षा में है, जिसकी अवधि को सजा में समायोजित किया गया है। सजा तय करते हुए न्यायालय ने अपराध को “अत्यंत गंभीर, क्रूर, बर्बर और समाज को झकझोर देने वाला” बताया। मृतकों के पात्र आश्रितों को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत सहायता दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आरोपी को उच्च न्यायालय में अपील का अधिकार बताया गया है।