कवर्धा के सराफा लूटकांड के तार झारखंड के जमशेदपुर तक पहुंचे, लूटी गई चांदी के साथ तीन गिरफ्तार
कवर्धा में सराफा कारोबारी से हुई 50 लाख की लूट के तार अब झारखंड के जमशेदपुर तक जुड़ गए हैं जहाँ पुलिस ने छापेमारी कर चांदी जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 08:51:15 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 08:54:51 PM (IST)
पुलिस कार्रवाई की प्रतीकात्मक तस्वीर। - अर्काइवHighLights
- कवर्धा के सराफा लूटकांड के तार जमशेदपुर पहुंचे
- जुगसलाई क्षेत्र से एक किलो चांदी बरामद हुई
- पुलिस ने खरीदारों और नेटवर्क की जांच बढ़ाई
नईदुनिया न्यूज़, कवर्धा। तरेगांव जंगल की मछरीरेवार मंदिर घाटी में सराफा कारोबारी से हुई करीब 50 लाख रुपये की लूट का मामला अब छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर झारखंड के जमशेदपुर तक पहुंच गया है। लूटे गए चांदी के जेवरात कहां खपाए जा रहे थे और उन्हें खरीदने वाले कौन थे, इसकी तलाश में जुटी कबीरधाम पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जमशेदपुर के जुगसलाई क्षेत्र में छापेमारी की।
यहां से करीब एक किलो चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। जमशेदपुर से आई रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे साफ है कि पुलिस की जांच अब केवल वारदात को अंजाम देने वालों तक सीमित नहीं, बल्कि लूट के माल की खरीद-बिक्री के नेटवर्क तक पहुंच रही है।
लूट के बाद खरीदारों तक पहुंची जांच
27 अक्टूबर को पांडातराई निवासी सराफा कारोबारी वेदप्रकाश सोनी अपने साथी के साथ तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र से गुजर रहे थे। मछरीरेवार मंदिर घाटी के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोककर मारपीट की और चांदी के जेवरात सहित नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। कारोबारी ने लूटे गए सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई थी। घटना के बाद तरेगांव जंगल थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
100 से अधिक कैमरे खंगाले, 500 लोगों से पूछताछ
कबीरधाम पुलिस ने वारदात के खुलासे के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और 24 गांवों में 500 से अधिक लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर निखिल कुर्रे, संजय भास्कर और सचिन पात्रे को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर करीब 11.9 किलोग्राम चांदी के जेवरात, 1500 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल बजाज पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, वारदात में कुल पांच आरोपी शामिल थे और दो अन्य की तलाश जारी थी।
मुंगेली से बिलासपुर और अब जमशेदपुर तक कड़ी
जांच में सामने आया था कि लूट के बाद आरोपी मुंगेली पहुंचे थे। वहां जेवरात आपस में बांटे गए और उन्हें बेचने के लिए बिलासपुर जाने की योजना बनाई गई थी। अब जुगसलाई में चांदी की बरामदगी ने जांच को एक नए शहर तक पहुंचा दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लूट के जेवरात किसके माध्यम से खरीदे गए, इस कारोबार में और कौन लोग जुड़े हैं तथा बाकी जेवरात कहां खपाए गए।
लूट का माल खरीदने वालों तक पहुंचेगी जांच?
जमशेदपुर की कार्रवाई के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि क्या लूटे गए पूरे माल का पता चल पाएगा और इसके खरीदारों की पूरी कड़ी सामने आएगी? पुलिस की अगली कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि यह नेटवर्क कितने शहरों और लोगों तक फैला है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों तथा लूटे गए शेष सामान की तलाश की जा रही है।