
कवर्धा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कबीरधाम जिले के बार्डर एरिया बालाघाट (मप्र) क्षेत्र में नक्सल गतिविधि बढ़ रहीं है। बुधवार को बालाघाट पुलिस ने नक्सलियों के लिए लाए जा रहे हथियारों की खेप पकड़ी। गिरफ्तार आठ आरोपितों ने राजफाश किया है कि बीते कुछ महीनों में उन्होंने कई बार हथियार नक्सलियों तक पहुंचाया है। यह अंतरराज्यीय गिरोह राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हथियारों की खरीद-बिक्री करता था। यह हथियार सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए लाए गए थे। बालाघाट जिले के किरनापुर कीन्ही के जंगल में दो चारपहिया वाहनों से नक्सलियों तक हथियार पहुंचाने की फिराक में घूम रहे आठ लोगों से पिस्टल, एके-47 की मैग्जीन समेत अन्य सामान जब्त हुआ है। गिरोह ने पिछले छह माह में तीन राज्यों में 30 लाख रुपये के हथियार-बारूद समेत दीगर सामान की सप्लाई नक्सलियों को की है। नक्सलियों को बारिश पूर्व पांच हजार कारतूस के साथ पिस्टल, अन्य हथियार और शिविर लगाने की सामग्री पहुंचाने के लिए करीब एक करोड़ रुपये की डील हुई थी।
ये सामग्री बरामद
32 इंच तीन की पिस्टल, 32 इंच की पिस्टल की तीन मैग्जीन, एके-47 अनफिनिशड की एक मैग्जीन, जिलेटिन की आठ छड़, 20 फीट कोर्डेक्स लाल वायर, आठ मोबाइल, दो चारपहिया वाहन, नौ एलईडी टार्च, छाता, हवा पंप, एमपी थ्री प्लेयर, पर्स, सूटकेस, तीन बैग कपड़ों से भरे व टेंट का सामान।
बार्डर की गतिविधि पर कबीरधाम पुलिस ले रही इनपुट
छत्तीसगढ़ के बार्डर पर कबीरधाम पुलिस ज्यादा एक्टिव है। यही कारण है कि बीते एक साल से बार्डर तक नक्सली नहीं पहुंच पा रहे हैं। पुलिस नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए लगातार अपील भी कर रही है। बीते माह दो इनामी नक्सलियों का सरेंडर कराया। बालाघाट जिले में हो रहे नक्सल संबंधित गतिविधि को लेकर कबीरधाम पुलिस इनपुट ले रही है। यहां बताना लाजमी है कि जिन क्षेत्र में नक्सल गतिविधि हो रहीं वह कबीरधाम जिले के बार्डर एरिया से लगभग 30 से 50 किलोमीटर के दायरे में ही हैं।
कुछ दिन पहले बालाघाट में नक्सलियों ने की थी ग्रामीण हत्या
नक्सली संगठन बालाघाट में अपनी खोई ताकत वापस पाने के लिए आमद बढ़ा रहे हैं। हाल में बालाघाट जिले में एक हत्या की वारदात सामने आने के साथ गढ़ी के जंगलों में नक्सलियों की डंप सामग्री मिलने से पुलिस की चिंता बढ़ गई है। पुलिस भी एक्शन मोड में जंगलों में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। हार्डकोर नक्सलियों की मौजूदगी से बड़ी वारदात का खतरा बढ़ गया है।
एमएमसी जोन में साल भर में मारे गए आठ नक्सली
इसी माह नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने 16 पन्नो का प्रेस नोट जारी कर 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने की घोषणा करते हुए नक्सलियों की मौतों का आंकड़ा भी बताया था। इसके अनुसार गत एक वर्ष में 160 नक्सलियों की मौत हुई। इनमें सबसे ज्यादा बस्तर संभाग में 101, बिहार-झारखंड में 11, ओडिशा में 14, महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) में आठ, ओडिशा-आंध्र सीमा पर 11, तेलंगाना में 14 और पश्चिमी घाटी में एक नक्सली की मौत हुई है। बता दें कि एमएमसी जोन कवर्धा अंतर्गत शामिल है। बताया जा रहा है कि इन जोन में बालाघाट, कवर्धा, राजनांदगांव, गढचिरोली समेत इन तीनों राज्यों के कुछ जिले आते हैं। यह नक्सलियों द्वारा बनाया गया जोन है।