नईदुनिया न्यूज़, कवर्धा। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती की दूसरी चयन सूची और कथित रूप से रिक्त रह गए 1940 पदों को भरने की मांग अब कवर्धा में 10 दिन लंबे आंदोलन का रूप ले चुकी है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के विधायक कार्यालय के ठीक बाहर अस्थायी पॉलिथीन के टेंट लगाकर बैठे अभ्यर्थी सोमवार को भी अपनी मांग पर डटे रहे।
शनिवार देर रात प्रशासन ने धरना स्थल को लेकर कार्रवाई करते हुए 15 से अधिक युवाओं के नाम नोटिस जारी किया। यह नोटिस आंदोलनकारी युवाओं के अस्थायी पॉलिथीन टेंट के बाहर चस्पा किया गया, जिसमें संबंधित स्थान पर धरना-प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं लिए जाने का उल्लेख करते हुए स्थल खाली करने की सूचना दी गई है। नोटिस के बाद भी 70 से अधिक युवा धरना स्थल पर मौजूद रहे।
प्रदर्शन का असर, शासकीय वाहन कार्यालय परिसर में ही फंसा
लगातार 10 दिनों से उपमुख्यमंत्री के विधायक कार्यालय के ठीक बाहर चल रहे प्रदर्शन का असर उनके आवागमन पर भी पड़ रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को आवंटित शासकीय वाहन बीते कई दिनों से कवर्धा स्थित कार्यालय परिसर में ही खड़ा है और प्रदर्शन के कारण बाहर नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री को कवर्धा में अपने आवागमन के लिए अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी युवाओं के कार्यालय के मुख्य हिस्से के सामने डटे रहने के कारण शासकीय वाहन का रास्ता बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।
टेंट के बाहर चस्पा नोटिस, फिर भी नहीं हटे युवा
उपमुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर बीते 10 दिनों से चल रहे धरने को लेकर प्रशासन की ओर से जारी नोटिस ने आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है। कवर्धा एसडीएम कार्यालय से 15 से अधिक आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के नाम नोटिस जारी किया गया है। आंदोलन स्थल पर अस्थायी रूप से पॉलिथीन का टेंट लगाकर रह रहे युवाओं के टेंट के बाहर नोटिस चस्पा किया गया। नोटिस में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किए जाने का उल्लेख है और युवाओं को आंदोलन स्थल से हटने के संबंध में सूचना दी गई है।
हालांकि नोटिस मिलने के बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं और जब तक दूसरी चयन सूची अथवा रिक्त पदों को भरने के संबंध में स्पष्ट निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
5967 पदों का विज्ञापन, 1940 पद खाली होने का दावा
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के अनुसार छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती में कुल 5967 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। आरटीआई से मिली जानकारी का हवाला देते हुए युवाओं का दावा है कि अब तक करीब 4367 पदों पर नियुक्तियां हुई हैं, जबकि लगभग 1940 पद रिक्त हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही उम्मीदवार का कई जिलों की चयन सूची में नाम आने और भर्ती प्रक्रिया में हुए बदलाव के कारण बड़ी संख्या में पद खाली रह गए।
युवाओं की मुख्य मांग दूसरी चयन सूची अथवा प्रतीक्षा सूची जारी कर सभी विज्ञापित पदों को भरने की है। उनका कहना है कि भर्ती की तैयारी में कई युवाओं ने पांच से छह वर्ष तक मेहनत की है। ऐसे में स्वीकृत और विज्ञापित पद खाली रहना उनके साथ अन्याय है।
कलेक्ट्रेट से शुरू हुआ आंदोलन पहुंचा गृह मंत्री कार्यालय
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने अगस्त के तीसरे सप्ताह में कवर्धा पहुंचकर आंदोलन शुरू किया था। पहले कलेक्ट्रेट और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन किया गया, लेकिन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने के बाद युवा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विधायक कार्यालय के ठीक बाहर धरने पर बैठ गए। तब से लगातार युवा वहीं डटे हुए हैं और अस्थायी पॉलिथीन टेंट में रहकर आंदोलन चला रहे हैं।
शनिवार देर रात युवाओं ने अपने विरोध को अलग तरीके से दर्ज कराया। आंदोलनकारी अभ्यर्थी मोमबत्तियां जलाकर एक पंक्ति में खड़े हुए और दूसरी चयन सूची जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। कई दिनों से बारिश और अन्य परेशानियों के बीच धरना दे रहे युवाओं का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे केवल अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
विजय शर्मा एक बार धरना स्थल पहुंचे, कार्यालय के बाहर भी हुई चर्चा
आंदोलन के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा स्वयं एक बार सीधे धरना स्थल पर पहुंचे और अभ्यर्थियों के बीच बैठकर उनकी मांगों को सुना। इस दौरान वे जमीन पर बैठकर युवाओं से चर्चा करते नजर आए। इसके अलावा विधायक कार्यालय के बाहर भी एक से दो अलग-अलग अवसरों पर विजय शर्मा और आंदोलनकारी युवाओं के बीच बातचीत हुई है, जिसके वीडियो इंटरनेट मीडिया में भी सामने आए हैं।
विजय शर्मा ने युवाओं को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए शासन का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के प्रति संवेदनशील है और नियमों के दायरे में उचित एवं न्यायसंगत समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलाने का भरोसा भी दिया है, ताकि युवाओं की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जा सके।
एक ओर प्रशासन बिना अनुमति चल रहे धरने को लेकर नोटिस जारी कर चुका है, वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थी दूसरी चयन सूची की मांग पर अड़े हुए हैं। 10 दिन से गृह मंत्री कार्यालय के बाहर जारी यह आंदोलन अब ऐसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां प्रशासन की अगली कार्रवाई और सरकार की ओर से होने वाला निर्णय अभ्यर्थियों के अगले कदम को तय करेगा।