
नईदुनिया प्रतिनिधि, कवर्धा। कबीरधाम जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोलमी में पदस्थ एक व्याख्याता पर स्कूली छात्रों को कथित तौर पर लव जिहाद में फंसाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर मंगलवार को क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पोलमी में मुख्य मार्ग पर जोरदार चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच तंबू तान दिया और शिक्षक की सेवा समाप्ति व त्वरित गिरफ्तारी की मांग को लेकर घंटों तक प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पोलमी के सरपंच, उपसरपंच, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति (एसएमडीसी) के अध्यक्ष और स्थानीय नागरिकों ने विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता मोहम्मद फिरोज खान के खिलाफ मोर्चा खोला था। ग्रामीणों ने सीधे उपमुख्यमंत्री से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया था कि व्याख्याता द्वारा विद्यार्थियों को बहला-फुसलाकर अनैतिक गतिविधियों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 6 अक्टूबर को एक विशेष जांच दल का गठन किया था।
मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एफआर वर्मा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होते ही विभाग ने दो सदस्यीय जांच दल गठित कर मौके पर भेजा था। जांच अधिकारियों ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए और अपनी विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जांच दल ने अपनी पड़ताल में शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाया है। इसके आधार पर जांच अधिकारी ने व्याख्याता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की अनुशंसा करते हुए पूरी रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय को प्रेषित कर दी है।
क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और आक्रोश को शांत करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए संबंधित शिक्षक मोहम्मद फिरोज खान को आगामी आदेश तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कबीरधाम में अटैच (संलग्न) कर दिया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, जबकि निलंबन और विभागीय जांच की आधिकारिक कार्रवाई राज्य संचालनालय स्तर से अमल में लाई जाएगी।
इधर, पोलमी में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी महज कार्यालयीन अटैचमेंट से संतुष्ट नहीं दिखे। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब तक आरोपी शिक्षक के खिलाफ थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता और सेवा से बर्खास्त नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार शाम पांच बजे तक प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे रहे, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हुआ। हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस व प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।