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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस बार गणेश पंडालों में नहीं दिख रही रौनक, कम पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

जिले में गणेश पर्व के दौरान एक अलग ही वातावरण देखने को मिलता था। धर्म नगरी कवर्धा में परंपरागत तरीके से गणेश पर्व मनाने के लिए समितियां पूरी ताकत लगात...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 26 Aug 2020 08:28:58 PM (IST)Updated Date: Wed, 26 Aug 2020 08:28:58 PM (IST)
इस बार गणेश पंडालों में नहीं दिख रही रौनक, कम पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

कवर्धा(नईदुनिया न्यूज)। जिले में गणेश पर्व के दौरान एक अलग ही वातावरण देखने को मिलता था। धर्म नगरी कवर्धा में परंपरागत तरीके से गणेश पर्व मनाने के लिए समितियां पूरी ताकत लगाती थी, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण का अधिक से अधिक फैलाव होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा भी बड़ी मूर्ति को स्थापित करने पर मनाही कर दी गई है। साथ ही 26 बिंदुओं वाले नियम को अनिवार्य कर दिया गया है। पंडालों में वाद्य यंत्रों का उपयोग पूरी तरह से वर्जित है। श्रद्वालुओं की उपस्थिति भी कम कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरे का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। यहां तक की पंडालों में शारीरिक दूरी से लेकर अन्य गाइड लाइन का पालन अनिवार्य होने के कारण पंडालों की रौनक गायब हो गई है। गणेश पर्व के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन कवर्धा शहर में किसी प्रकार का उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों में, शहर के भीतरी क्षेत्रों में श्रद्वालु भी अब विघ्नहर्ता का दर्शन लाभ लेने नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ स्थानों पर ही पंडाल सजे हैं, वहां पर भी गिनती के श्रद्वालु पहुंच रहे हैं। नगर नरेश कवर्धा, कलेक्टोरेट कॉलोनी, यूनियन चौक, बूढा महादेव चौक, ठाकुर पारा, हटरी पारा, कचहरी पारा, करपात्री पार्क तथा कुछ वार्डों में ही छोटे पंडाल सजाए गए हैं। इन पंडालों में चार-चार फीट की ही भगवान गणेश की मूर्तियां नजर आ रही है।

पंडालों में रौनक गायब

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा जगह-जगह स्थापित की गई है, किंतु इस दौरान पंडालों मे रौनक गायक नजर आ रही है। पंडालों में तामझाम नहीं दिख रहा है। समिति के चार-पांच लोगों की उपस्थिति में प्राण प्रतिष्ठिता की गई है।


दर्शनार्थियों की भीड़ देखने को नही मिल रही

हर साल शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गणेश प्रतिमा की स्थापना तो की गई है, किंतु देर रात तक पंडालों में उमडने वाली दर्शनार्थियों की भीड देखने को नही मिल रही। युवा और छोटे बच्चे ही इस उत्सव को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। भगवान गणेश की भोग लगाने और आरती जैसे कार्यक्रम भी चुनिंदा लोगों की मौजूदगी में हो रहा है।

रौनक नहीं होने से पंडाल जल्दी बंद हो रहे

पहले दिन गणेश स्थापना के साथ ही पंडालों में रात 11 बजे तक रौनक दिखाई दी। दूसरे दिन से गणेश पंडालों में रात के 9-10 बजे ही पंडालों को समिति के लोगों ने बंद करना शुरू कर दिया था। शासन के दिशा निर्देश के चलते इस बार गणेश प्रतिमा निर्धारित मानदंड के अनुरूप स्थापित की गई है। पंडालों में लाइटिंग, साज-सज्जा नहीं होने के कारण लोग दूरी बनाए हुए हैं।