जेल भेजने की धमकी देकर ऐंठे 5 हजार, कोरबा पुलिस के आरक्षक पर वसूली का आरोप, SP ने दिए जांच के आदेश
कोरबा जिले के बालको थाना अंतर्गत रजगामार चौकी क्षेत्र में सिविल ड्रेस में आए दो लोगों द्वारा ट्रैक्टर चालक योगेंद्र कुमार से ₹5,000 की अवैध वसूली का म...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 10:43:54 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 10:43:54 PM (IST)
शिकायत पत्र सौंपने के बाद खड़ा पीड़ित योगेंद्र कुमारHighLights
- खाकी पर फिर लगा दाग, खुद को पुलिस बताकर युवक से ऑनलाइन वसूली, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बैठाई जांच
- बांस परिवहन के नाम पर पुलिसिया धौंस, युवक से ऑनलाइन ट्रांसफर कराए 5 हजार, SP दफ्तर पहुंचा पीड़ित
- सिविल ड्रेस में आए और ट्रैक्टर रुकवाकर की वसूली, रजगामार चौकी के आरक्षक पर गंभीर आरोप, जांच शुरू
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: ट्रैक्टर में बांस की बल्ली लेकर जा रहे युवक को रोककर खुद को पुलिस कर्मी बताने और जेल भेजने की धमकी देकर पांच हजार रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सिविल ड्रेस में आए दो लोगों ने युवक को बिना परमिट बांस ले जाने के मामले में कार्रवाई का डर दिखाया और उससे आनलाइन पांच हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
पीड़ित ने मामले की शिकायत कोरबा एसपी से की है। शिकायत में रजगामार चौकी में पदस्थ एक आरक्षक पर भी आरोप लगाया गया है। मामला बालको थाना क्षेत्र की रजगामार चौकी का है। गोढ़ी निवासी योगेंद्र कुमार ने शिकायत में कहा है कि वह ट्रैक्टर में बांस की बल्ली लेकर जा रहा था।
इसी दौरान सिविल ड्रेस में दो लोगों ने उसका ट्रैक्टर रुकवाया। दोनों ने खुद को रजगामार चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने युवक से बांस ले जाने का परमिट मांगा और परमिट नहीं होने पर जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उससे रुपये की मांग की गई।
युवक का आरोप है कि कार्रवाई और जेल भेजने की धमकी से वह डर गया। इसके बाद उसने आनलाइन पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये मिलने के बाद उसे जाने दिया गया। घटना के बाद योगेंद्र कुमार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि रजगामार चौकी में पदस्थ आरक्षक के खिलाफ वसूली की शिकायत एसपी कार्यालय में प्राप्त हुई है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।