
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। कटघोरा स्थित एक पटाखा गोदाम में बुधवार को अचानक आग लग गई। जनकारी मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम में रखे पटाखों के लगातार फटने की आवाजों से पूरा इलाका दहल उठा। आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंची दमकल ने तीन घंटे में आग पर काबू पाया गया। मामले में कोई हताहत नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि मुख्य बाइपास मार्ग पर स्थित शर्मा पटाखा फायर वर्क्स के गोदाम में दोपहर के समय अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोग भाग कर बाहर निकले और अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखे पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से लोगों की लगी भीड़ को घटनास्थल से दूर कराया और सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। आग बुझाने के लिए सबसे पहले कटघोरा नगर पालिका की दमकल टीम पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त मदद मंगानी पड़ी।
इसके बाद बालको, एनटीपीसी और एसईसीएल की दमकल टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। पांच दमकल वाहनों की संयुक्त टीम ने करीब तीन घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन गोदाम में रखे लाखों रुपये के पटाखे और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गई। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।
रिहायशी क्षेत्रों में भंडारण पर बढ़ी चिंता
कटघोरा में हुई इस घटना के बाद शहर में संचालित पटाखा गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर आबादी के बीच पटाखों का भंडारण किया जाता है, इससे दुर्घटना की स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों ने ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच और सुरक्षा मानकों के पालन की मांग उठाई है।
लगातार विस्फोट से दहशत में रहे लोग
आग लगने के बाद गोदाम में रखे पटाखों के फटने का सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा। तेज धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई देती रही, इससे आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। इस घटना के बाद शहर में पटाखों के भंडारण और सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में संचालित ऐसे गोदामों की नियमित जांच और निगरानी जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को रोका जा सके।