कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पर्व के अवसर पर संयुक्त मातृशक्ति की ओर से कोरबा के समस्त मराठी भाषी परिवारों के लिए अनेक सांस्कृतिक स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अनाज, दलहन-तिलहन, जौ व अन्य खाद्यान्नाों की रंगोली प्रतियोगिता रखी गई थी। स्पर्धा में कलाकारों ने अनेक सुंदर प्रस्तुति दी और दाल-तिल, जौ व अनाज में गौरी-गणपति के दर्शन भी हुए।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में दीपावली के अवसर पर खाद्यान्नाों से बनी रंगोली बनाने की स्पर्धा रखी गई थी। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों से कहा गया था कि विभिन्ना खाद्यान्ना गेहूं, चांवल व सभी प्रकार की दालें आदि की सहायता से अधिकतमद तीन वर्ग फीट के आकार की रंगोली का निर्माण करें। अगली प्रतियोगिता के रूप में श्रीराम रक्षा स्तोत्र के पांच श्लोकों का सस्वर पाठ करते हुए वीडियो भेजाना है। इसके लिए समस्त मराठी भाषियों से आव्हान किया गया है कि अपने वीडियो संयोजिका मालती जोशी को शुक्रवार तक भेजें। एक विशेष आयोजन के अंतर्गत श्री गणेश सेवा समाज और संयुक्त महाराष्ट्र सेवा मंडल के तत्वावधान में रविवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। सुबह 11ः00 बजे से दोपहर तीन बजे तक श्री गजानन साईं मंदिर परिसर में आयोजित इस रक्तदान शिविर का मार्गदर्शन बिलासा ब्लड बैंक के अधिकारी एवं दो बार गिनी बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराने वाले शहर के ख्यातिलब्ध चिकित्सक डा अजय शेष करेंगे।
महाराष्ट्र में प्रचलित, अन्ना के महत्व का पाठ
महाराष्ट्र में इस प्रकार की रंगोली का प्रचलन बहुत अधिक है। अन्ना के एक-एक दाने को संजो कर बनाई जाने वाली रंगोली के निर्माण में यह भाव होता है कि प्राणी के लिए अन्ना का प्रत्येक दाना बहुत महत्वपूर्ण है। किसान अपना खून पसीना अन्ना उपजाने में लगाता है। कलाकार अपने मन की कलाकृति को साकार करने में अन्ना का उपयोग करे तो अन्नादाताओं के प्रति सम्मान का भाव जागृत होगा। 83 वर्षीय रुकमणी जोशी की बनाई पानी पर तैरते स्वस्तिक की रंगोली का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा।
शिक्षाविद हेमंत माहुलिकर रहे विजेता
गणपति की आकर्षक रंगोली सजाने वाले स्याहीमुडी के शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त शिक्षक हेमंत माहुलिकर स्पर्धा के विजेता रहे। इस प्रतियोगिता के परिणाम में द्वितीय शिखा किल्लेदार और मंगला गुर्जर एचटीपीएस कालोनी कोरबा पश्चिम, तृतीय आरती आचार्य एनटीपीसी कालोनी रहीं। निर्णायक की भूमिका स्वाती सांभरे इंदौर, मृणाल काले इंदौर, स्वाती खांडेकर मुंबई ने निभाई। कोरबा से 14 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भुसावल, पुणे, भंडारा के कलाकारों ने भी अन्ना की रंगोली का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का संयोजन मालती जोशी और भारती देव ने किया । विशेष उल्लेखनीय है कि