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ट्रेनों की लेटलतीफी पर कोरबा सांसद का अल्टीमेटम, मांग पूरी न हुई तो पटरी पर बैठकर करेंगी उग्र आंदोलन

कोरबा प्रेस क्लब में आयोजित 'प्रेस से मिलिए' कार्यक्रम के दौरान सांसद ज्योत्सना महंत ने क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार और ट्रेनों की लेटलतीफी व र...और पढ़ें

By Pradeep BarmaiyaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 03:57:46 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 03:57:46 PM (IST)
ट्रेनों की लेटलतीफी पर कोरबा सांसद का अल्टीमेटम, मांग पूरी न हुई तो पटरी पर बैठकर करेंगी उग्र आंदोलन
चर्चा के दौरान उपस्थित सांसद ज्योत्सना महंत एवं अन्य पदाधिकारी

HighLights

  1. सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा- रेल मंत्री से मुलाकात में रखेंगे समस्याएं
  2. डीएमएफ का लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों को मिलना चाहिए
  3. चर्चा के दौरान उपस्थित सांसद ज्योत्सना महंत एवं अन्य पदाधिकारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: कोरबा में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर सांसद ज्योत्सना महंत ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। गुरुवार को कोरबा प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जरूरत के अनुरूप रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है। यदि इस दिशा में जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो यात्रियों के हित में पटरी पर बैठकर आंदोलन किया जाएगा।

सांसद ने कहा कि कोरबा महत्वपूर्ण औद्योगिक और खनन क्षेत्र है, लेकिन यहां यात्रियों को पर्याप्त रेल सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। नई यात्री ट्रेनों के संचालन के साथ रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। ट्रेनों की लेटलतीफी और रद्दीकरण से भी यात्रियों को परेशानी होती है। तीजा-पोरा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान ट्रेनें रद्द होने से आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि रेल मंत्री का आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरान उनसे मुलाकात कर कोरबा की रेल समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा।


चर्चा के बाद भी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। सांसद महंत ने कहा कि कोरबा और पूरे छत्तीसगढ़ के विकास तथा जनहित से जुड़े विषयों पर दलगत राजनीति नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों में सभी को राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को संबंधित स्तर पर उठाना उनकी प्राथमिकता है। जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि के उपयोग को लेकर उन्होंने कहा कि इसका लाभ खनन से प्रभावित क्षेत्रों को मिलना चाहिए। स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों में राशि खर्च करने पर जोर दिया।

कोरबा क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता भी उन्होंने बताई। बेहतर सुविधाओं और प्रचार-प्रसार के माध्यम से इन स्थलों को पर्यटन से जोड़ने पर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी की मांग

उन्होंने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में नया चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की मांग रखी। कोरबा चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर की सीटें बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई। इसके अलावा कोरबा स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की।

भू-विस्थापितों को मुआवजा और रोजगार मिले

कोयला खनन से प्रभावित परिवारों का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने उचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग की। उन्होंने कहा कि खदानों में काम करने वाली ठेका कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों और भू-विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिलना चाहिए।

स्वच्छ वातावरण मिलना भी जरूरी

सांसद ने सुनालिया अंडरब्रिज के निर्माण के साथ शहर की जर्जर सड़कों की स्थिति सुधारने की आवश्यकता है। बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं और स्वच्छ वातावरण मिलना भी जरूरी है।