
विकास पांडेय, कोरबा। प्रदीप क्षेत्रपाल के पढ़ाने की कला से भारत, अमेरिका और जापान सहित 80 देशों के छात्र, शिक्षक और अभिभावक प्रभावित हैं। दरअसल कठिन समझे जाने वाले फिजिक्स का फार्मूला समझाने उन्होंने एक ऐसी तरकीब निकाली, जिसका दुनियाभर के विद्यार्थियों ने स्वागत किया। 63 वर्षीय इस शिक्षक ने ढाई साल पहले 11वीं और 12वीं के सिलेबस पर आधारित वीडियो लेक्चर तैयार कर यू-ट्यूब पर अपलोड करना शुरू किया।
अब तक इस मुफ्त कोचिंग सेवा में उनके लेक्चर 40 लाख बार देखे जा चुके हैं। वर्तमान में इन से 27 हजार 107 सबक्राइबर जुड़े हुए हैं। इंटरनेट पर प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग इसे नियमित देखते हैं। उनके लेक्चर का ही असर है कि गूगल के मुंबई मुख्यालय में उन्हें 18 अप्रैल को सुबह 11.30 बजे शिक्षा पर आयोजित कांफ्रेंस में उनके आइडिया को बांटने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
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इससे पहले उनके वीडियो लेक्चर से प्रभावित होकर राजस्थान शासन उनसे स्कूल शिक्षा विभाग के लिए खासतौर पर सिलेबस आधारित लैक्चर तैयार करने की गुजारिश भी की है। हायर सेकेंडरी में गणित के लिए मुख्यमंत्री के हाथों गोल्ड मेडल हासिल कर चुके प्रदीप क्षेत्रपाल ने देखा कि स्कूल के दिनों से लेकर अब तक की स्थिति में फिजिक्स के सिद्धांत बच्चों के लिए सरल होने की बजाय और कठिन होते जा रहे हैं।
उन्होंने इस धारणा को बदलने के बारे में सोचना शुरू किया। उन्होंने ट्यूशन पढ़ने आने वाले 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को घर पर ही पढ़ाते वक्त वीडियो तैयार किया। श्री क्षेत्रपाल ने बताया कि भारत में सीबीएसई शिक्षा प्रणाली से लेकर अमेरिका, जापान और अन्य देशों में भी हायर सेकंडरी कक्षाओं का सिलेबस लगभग एक समान है।
लिहाजा उन्होंने सीबीएसई के सिलेबस पर आधारित 11वीं और 12वीं के फिजिक्स पर लेक्चर की रिकार्डिंग तैयार की। छात्र-छात्राओं को इस विषय में शामिल सिद्धांत, प्रयोग एवं फार्मूले को सरलता से समझाते हुए दिया जा रहा लेक्चर कुछ इस तरह प्रस्तुत है, जिसे सुन और देखकर फिजिक्स को समझना आसान हो जाता है।
गूगल के मुंबई मुख्यालय से बुलावा
श्री क्षेत्रपाल अविभाजित मध्यप्रदेश के तात्कालीन हायर सेकेंडरी की परीक्षा में मेरिट अंक हासिल कर करने के बाद उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित श्यामाचरण शुक्ल ने पुरस्कृत किया था। प्रतियोगी परीक्षा में उनका चयन आईआईटी खड़कपुर तथा आईआईएससी बैंगलोर के लिए हुआ था। खड़कपुर में पसंदीदा विषय नहीं मिलने के कारण उन्होंने आईआईटी छोड़ दी और रायपुर के साइंस कॉलेज से एमएससी किया। पढ़ाई पूरी कर वे कोरबा आ गए और पिता के साथ व्यवसाय में हाथ बंटाने लगे। 1972 के बाद उन्होंने बतौर निजी शिक्षक अपनी द्वितीय पारी शुरू की।
पूरे सिलेबस का वीडियो अपलोड
क्षेत्रपाल ने बताया कि फिजिक्स के सिद्धांत हमारे दैनिक जीवन की क्रिया-प्रतिक्रिया से जुड़े हैं। इसे जानना व समझना बहुत आसान है, पर व्यावसायिकता ने इन्हें बच्चों के लिए कठिन बना दिया है। कई विषय विशेषज्ञों ने इंटरनेट पर अपने लेक्चर अपलोड किए हैं। उसमें केवल झलकियां हैं, पूरा सिलेबस नहीं। भारत में 11वीं और 12वीं का पूरा सिलेबस आसान भाषा व सरल प्रणाली में एकमात्र उनका लेक्चर पूरी तरह अपलोड है।
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अब तक उन्होंने 670 रिकार्डेड लेक्चर तैयार कर यू-ट्यूब में अपलोड किए हैं। उनके लेक्चर देखने व सुनने वालों में 90 फीसदी भारतीय और शेष 10 फीसदी देखने वालों में दुनियाभर के ऐसे 80 देशों के अप्रवासी भारतीय हैं। इन 80 देशों में नेपाल, सउदी अरेबिया, इंग्लैंड, अमेरिका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, जापान व अन्य अरब देश शामिल हैं। वर्तमान में क्षेत्रपाल डीडीएम स्कूल में बतौर भौतिकशास्त्र के प्राध्यापक कार्यरत हैं।
लेक्चर की उपयोगिता
- 670 रिकार्डेड लेक्चर
- 1000 घंटे देखा जा रहा प्रतिदिन
- 40 लाख पहुंची देखने वालों की संख्या
- 27107 नियमित देखने वालों की संख्या
- 20000 लोग हर रोज लाभान्वित
- 90% भारतीय प्रतिदिन देखने वाले
- 80 देशों के विद्यार्थी भी देखते हैं