
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : प्रधानमंत्री आवास योजना में जरूरतमंदों को आवास देने के बजाय अपात्रों को लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है। कोरबा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत तिलकेजा में वर्ष 2024 में अपात्र ठहराए गए 48 लोगों को दो साल बाद फिर पात्र कर दिया गया। इनमें 11 मृतकों के नाम शामिल होने का पर्दाफाश हुआ है। मृतकों के नाम स्वीकृत आवास की पहली किश्त की राशि दूसरों के खातों में डाल दी गई।
मामले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है, जबकि पीएम आवास के ब्लाक समन्वयक को जिला पंचायत अटैच किया गया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।
तिलकेजा को स्वर्गीय सांसद डा बंशीलाल महतो ने अपने कार्यकाल में सांसद आदर्श ग्राम के रूप में चुना था। ऐसे गांव में योजना के क्रियान्वयन में सामने आई गड़बड़ी से प्रधानमंत्री आवास योजना के कामकाज की कलई खुल गई है। 18 जुलाई 2024 को विशेष ग्राम सभा में 214 आवेदनों की जांच हुई थी। सरकारी नौकरी, पक्का मकान, दूसरे स्थान पर निवास या पहले आवास का लाभ लेने के कारण 48 लोगों को अपात्र किया गया था।
आरोप है कि 14 अप्रैल 2026 को तैयार नई कार्यवाही पंजी में इन्हीं 48 लोगों को फिर पात्र कर दिया गया। पात्रता में यह बदलाव किस आधार पर हुआ, यह जांच का विषय है। तिलकेजा निवासी राममनोहर सोनी का आरोप है कि उनकी मां स्वर्गीय उर्मिला बाई की मृत्यु 2020 में हो चुकी थी। इसके बावजूद उनका नाम पात्र सूची में जोड़ा गया और 40 हजार रुपये की पहली किश्त उमेंद बाई टंडन के खाते में भेजी गई।
इसी तरह जीराबाई गोंड़ के नाम की राशि जीराबाई निर्मलकर, बहोरन निर्मलकर की राशि राजकुमार बंजारे, लक्ष्मण प्रसाद कैवर्त्य की राशि देवनारायण टंडन और रामबाई उरांव की राशि हेमलता जायसवाल के खाते में जाने की जानकारी शिकायत में दी गई है। ग्राम सभा अध्यक्ष अनुसुइया कंवर का कहना है कि पंचायत के रजिस्टर सरपंच के पति के पास रहते हैं। जिस बैठक में आवास सूची पारित हुई, उसमें वे मौजूद नहीं थीं और प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।
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सरपंच तेरस देवमूरत कंवर ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया। एक जनपद सदस्य के तीन रिश्तेदारों के नाम भी अपात्र से पात्र सूची में शामिल कर दिया गया है। पूर्व जनपद सदस्य शकुंतला केवर्त और आरटीआइ कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार साहू की शिकायत के बाद मामला कलेक्टर जनदर्शन पहुंचा। प्राथमिक जांच के बाद सचिव नविता दूबे को निलंबित करने की कार्रवाई कई गई है। बताना होगा कि इसके पहले भी अनियमितता के आरोप में नविता को निलंबित किया जा चुका है।
मृतका उर्मिला बाई, जिसके नाम से निकाली गई राशि
इन मृतकों के नाम पर निकली राशि
शिकायत में 11 मृतकों के नाम पात्र सूची में शामिल किए जाने का आरोप है। उपलब्ध जानकारी में पांच मृतकों के नाम और उनके नाम पर राशि जिन खातों में जाने की बात सामने आई है, वे इस प्रकार हैं। स्वर्गीय उर्मिला बाई की राशि उमेंद बाई टंडन के खाते में, जीराबाई गोंड़ की राशि जीराबाई निर्मलकर के खाते में, बहोरन निर्मलकर की राशि राजकुमार बंजारे के खाते में, लक्ष्मण प्रसाद कैवर्त्य की राशि देवनारायण टंडन के खाते में और रामबाई उरांव की राशि हेमलता जायसवाल के खाते में जाने की जानकारी शिकायत में है। शेष छह नाम जांच में स्पष्ट होंगे।
आवास मित्र कोई और, काम कर रहा दूसरा
करतला विकासखंड में आवास मित्रों की नियुक्ति को लेकर भी अनियमितता के आरोप हैं। ग्राम पंचायत कथरीमाल-गुमिया में नियुक्त आवास मित्र राकेश राजवाड़े, पिता लक्ष्मीनारायण, की जगह हमनाम राकेश राजवाड़े, पिता मोहनलाल, के जियो-टैगिंग और विभागीय बैठकों में काम करने की बात सामने आई है।
इसी तरह बरपाली-सलिहाभाठा में नियुक्त संध्या पाटनवार शादी के बाद बिलासपुर में रहती हैं, जबकि उनके भाई शुभम राजवाड़े के फील्ड कार्य और जियो-टैगिंग करने का आरोप है। दोनों मामलों में नियुक्ति और वास्तविक कार्य करने वाले व्यक्ति का सत्यापन जांच का विषय है।
वर्जन
ब्लाक समन्वयक अटैच, होगी एफआइआर
कोरबा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत तिलकेजा में 48 अयोग्य हितग्राहियों के नाम से पीएम आवास स्वीकृत और राशि आहरित होने का मामला सामने आया है। प्रथम दृष्टया यह गड़बड़ी पंचायत से ही शुरू हुई है। पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पीएम आवास के ब्लाक समन्वयक को जिला पंचायत अटैच किया गया है। मामले की पूरी जानकारी के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। राशि की वसूली के साथ दोषी अधिकारी व कर्मचारियों पर एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।
-प्रतीक जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कोरबा।