नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए ई- बस संचालन की दिशा में निगम की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। वहीं पुरानी 48 सिटी बसे भी भी प्रतीक्षा बस स्टैंड दर्री में खड़ी हैं। दाे माह पहले बसों की नीलामी के लिए दर तय कर ली गई है लेकिन सरकारी अनुमति के इंतजार में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
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इधर ई-बसों का संचालन दीपावली से पहले शुरू होने की संभावना है। समय रहते पुरानी बसों की नीलामी नहीं होने से ना केवल कीमत मे कमी होगी बल्कि नई बसों को रखने के लिए बस स्टैंड में समस्या होगी। में केंद्र सरकार से स्वीकृत 40 ई-बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इनमें 20 नौ मीटर लंबी बड़ी ई-बसें मुख्य मार्गों पर संचालित होंगी, जबकि 20 सात मीटर लंबी ई-मिनी बसें कालोनियों और संकरी सड़कों पर चलेंगी।
इससे शहर के भीतरी इलाकों तक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। नई बसों को व्यवस्थित रखने के लिए पुरानी सिटी बसों का नीलामी का निर्णय निगम प्रशासन की ओर से लिया जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ईएंडएम इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल विभाग के माध्यम से बसों का दर तय हो चुका है। बसों की समय पर नीलाम नहीं होने निर्धारित दर पर कम होने की संभावना है।
बहरहाल ई- बसों के दर्री के प्रतीक्षा बस स्टैंड में चार्जिंग सब स्टेशन बन कर तैयार है। अब लोगों को बस चलने का बेसब्री से इंतजार है। नगर निगम के अनुसार सभी ई-बसें प्रतिदिन लगभग 400 किलोमीटर तक शहरी एवं उपनगरीय क्षेत्रों में संचालित होंगी। नई व्यवस्था से विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सस्ती एवं सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
साथ ही डीजल की खपत घटेगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। दर्री स्थित प्रतीक्षा बस स्टेशन में ई-बसों की चार्जिंग के लिए करीब 1.54 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे सब स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। वहीं ई-बसों के रखरखाव के लिए वर्कशाप और प्रशासनिक भवन का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
अधिकारियों के अनुसार सभी तैयारियां पूरी होते ही अगस्त माह के अंत ई-बस सेवा शुरू की जा सकती है। ई-मिनी बसों को विशेष रूप से कालोनियों और संकरी सड़कों को ध्यान में रखकर शामिल किया गया है। ये बसें आसानी से शहर के रविशंकर शुक्ल, आरपी नगर, एमपी नगर, टीपी नगर भीतरी मार्गों पर संचालित हो सकेंगी, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल तथा अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
ई-बसों के संचालन के लिए तैयार हो चुकी है रूट
नगर निगम ने ई-बसों के लिए रूट चार्ट भी तैयार कर लिया है। नई बसें नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ बांकीमोंगरा, दीपका, बालको और हरदीबाजार जैसे प्रमुख उपनगरीय क्षेत्रों को जोड़ेंगी। प्रतीक्षा बस स्टेशन, पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड से नियमित सेवाएं संचालित होंगी। रूट निर्धारण में पीएम स्कूल, पीजी कॉलेज, कमला नेहरू महाविद्यालय, मिनीमाता महाविद्यालय, मेडिकल कालेज तथा रेलवे स्टेशन तक पहुंच को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
प्रदूषण होगा कम, ईंधन की होगी बचत
ई-बसों के संचालन से डीजल और पेट्रोल की खपत में कमी आएगी तथा वायु प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी, जिससे शहर का वातावरण अधिक स्वच्छ और स्वस्थ बनेगा। ई-बसें एक बार पूर्ण चार्ज होने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकेंगी। भविष्य में इसी चार्जिंग स्टेशन पर अन्य इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों को भी चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
निगम को मिलेगा राजस्व, बढ़ेंगे रोजगार
नई ई-बस सेवा से नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा। बसों के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। वहीं कोरोना काल से पहले संचालित 48 पुरानी सिटी बसों की नीलामी की तैयारी भी की जा रही है, ताकि नई ई-बसों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
न ई-बसों के संचालन की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। चार्जिंग सब स्टेशन लगभग तैयार है और प्रशासनिक भवन व वर्कशाप भी शीघ्र पूर्ण हो जाएंगे। 40 ई-बसों में 20 ई-मिनी बसें शामिल हैं, जिनसे कालोनियों के भीतरी मार्गों में संचालन आसान होगा। रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है, जिसमें स्कूल, कालेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और निकटवर्ती कोयला क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। पुरानी सिटी बसों के दर मूल्यांकन किया जा चुका है। शासन से अनुमति मिलते ही नीलामी की जाएगी। राकेश मसीह, कार्यपालन अभियंता, नगर निगम