DMF मद से किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात, 2000 हेक्टेयर के लिए मुफ्त मिलेगा सरसों बीज, लगेंगे तेल मिल
कोरबा जिले में रबी सीजन 2026-27 के दौरान तिलहन का रकबा दोगुना करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन व DMF मद से पाली और पोड़ी-उपरोड़ा में सरसों बीज का ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 09:11:51 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 09:11:51 PM (IST)
कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक में कृषि कार्यों की समीक्षा करते कुणाल दुदावत, नईदुनियाHighLights
- कोरबा में रबी सीजन 2026-27 में तिलहन का रकबा दोगुना होगा।
- पाली और पोड़ी-उपरोड़ा में 50-50 क्विंटल सरसों बीज वितरित होगा।
- DMF मद से 2000 हेक्टेयर के लिए मिलेगा अतिरिक्त सरसों बीज।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: जिले में रबी वर्ष 2026-27 के दौरान तिलहन फसलों का रकबा दोगुना करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कृषि विभाग राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत किसानों को सरसों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आयोजित बैठक में तिलहन खेती के विस्तार की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और किसानों को कार्ययोजना के अनुरूप समन्वय से काम करने को कहा।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ-ओएस) के बीज वितरण घटक के तहत पाली विकासखंड में एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 50 क्विंटल सरसों बीज वितरित किया जाएगा। इसी तरह पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड में भी एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 50 क्विंटल सरसों बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के फसल प्रदर्शन घटक के तहत पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड में 300 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए 15 क्विंटल सरसों बीज के साथ किसानों को अन्य आवश्यक कृषि आदान सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को सरसों की खेती की तकनीक और उत्पादन संबंधी जानकारी मिलेगी।
डीएमएफ से भी मिलेगा सरसों बीज
तिलहन फसलों का क्षेत्र विस्तार करने के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से भी जिले में दो हजार हेक्टेयर क्षेत्र के लिए सरसों बीज का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर ने कृषक उत्पादक संगठनों को अधिक से अधिक किसानों को तिलहन की खेती से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही तेल मिल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया।
उप संचालक कृषि डीपीएस कंवर ने विभागीय अधिकारियों को किसानों के बीच तिलहन फसलों की खेती के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने और उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन देने को कहा। उन्होंने किसानों से रबी मौसम में सरसों सहित अन्य तिलहन फसलों की खेती अपनाने तथा जिले में तिलहन का रकबा बढ़ाने में सहभागी बनने की अपील की।