
कोरबा (छत्तीसगढ़)। कोल इंडिया में नंबर वन पद पर कई वर्षों से काबिज एसईसीएल इस बार पिछड़ गया। लक्ष्य से कम होने के बाद भी एमसीएल ने सर्वाधिक 137 एमटी कोयला उत्पादन कर नंबर वन पर कब्जा जमा लिया। एसईसीएल 135.66 एमटी के साथ दूसरे स्थान पर रही । इसके बाद भी उत्पादन में 5.8 फीसद ग्रोथ रहा। डिस्पैच में एसईसीएल ने शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है।
एसईसीएल सहित कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य आनुषांगिक कंपनियों से वित्तीय वर्ष 2015-16 में उत्पादित कोयला व डिस्पैच के रिकार्ड सामने आ गए हैं। इसमें सर्वाधिक 150 एमटी कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य महानदी कोल फिल्ड लिमिटेड (एमसीएल) को दिया गया था। इसके एवज में कंपनी ने 137.90 एमटी ही कोयला उत्पादन कर सकी, जबकि एसईसीएल ने 137 एमटी के एवज में 136.66 एमटी उत्पादन किया।
एसईसीएल के पास पिछले कई साल से नंबर का खिताब था, पर इस वर्ष यह खिताब छिन गया। लक्ष्य के करीब होने के बाद भी कंपनी पिछड़ गई और एमसीएल ने बाजी मार ली। कोल इंडिया की अन्य कंपनियों पर नजर डाली जाए तो बीसीसीएल ने 35.85 के स्थान पर 35.86 एमटी, सीसीएल ने 60.60 के स्थान 61.35 एमटी तथा एनसीएल ने 78.10 के स्थान पर 80.22 एमटी के साथ लक्ष्य से अधिक कोयला उत्पादन किया है।
उधर, कोयला डिस्पैच में भी एसईसीएल 136.60 एमटी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। एमसीएल ने 150 के स्थान पर 140.22 एमटी डिस्पैच कर पहला स्थान बना लिया। बीसीसीएल ने भी लक्ष्य से अधिक 36.13, एनसीएल ने 78.51 एमटी कोयला डिस्पैच किया है। सीआईएल ने ओवरआल 550 के स्थान पर 536.51 एमटी कोयला उत्पादन किया और 13.49 एमटी पीछे रहा।
कोरबा क्षेत्र से ही 101.89 एमटी कोयला
एसईसीएल का सर्वाधिक कोयला उत्पादन क्षेत्र कोरबा जिला है। यहां एशिया की सबसे बड़ी खदान गेवरा ने अपने टारगेट के मुताबिक 41 एमटी तथा दीपका ने 31 एमटी कोयला उत्पादन किया। भूमिगत खदान बाहुल्य वाले एसईसीएल कोरबा क्षेत्र को 5.50 एमटी उत्पादन का टारगेट था, पर भूमिगत खदानों के खराब परफारमेंस की वजह से 5.39 एमटी कोयला ही उत्पादन हो सका। उधर पर्यावरणीय स्वीकृति मिलने पर कुसमुंडा क्षेत्र ने 24.50 एमटी कोयला उत्पादन किया। खदान को 18.75 एमटी का टारगेट मिला था, इसे 31 जनवरी को पूर्ण कर लिया गया। चारों परियोजना मिलाकर जिले से 101.89 एमटी कोयला उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।
डिस्पैच में बना रिकार्ड
कोयला उत्पादन में टारगेट सीमित रहा, पर कोयला डिस्पैच में नया कीर्तिमान स्थापित किया। अमूमन जितना कोयला उत्पादन होता है, उतना ही डिस्पैच किया जाता है। पिछले वर्ष का स्टॉक होने की वजह से खदानों ने अधिक कोयला डिस्पैच किया। इसमें दीपका क्षेत्र ने 31 की जगह 34.06 एमटी तथा गेवरा क्षेत्र ने 41 के स्थान पर 44.5 एमटी कोयला डिस्पैच किया, जबकि कुसमुंडा रिकार्ड उत्पादन के बाद भी 22.113 मिलियन टन कोयला प्रेषण कर सका। उधर, एसईसीएल कोरबा क्षेत्र उत्पादन में पिछड़े होने के बाद भी 5.51 एमटी कोयला डिस्पैच कर लक्ष्य पार कर दिया।
कोल इंडिया का ब्योरा
क्या लक्ष्य उत्पादन ग्रोथ
कोल प्रोडक्शन 550 एमटी 536.50 एमटी 8.55 फीसद
कोल डिस्पैच 550 एमटी 532.320 एमटी 8.77 फीसद
ओवर बर्डन 1031 एमक्यू 1152.16 एमक्यूएम 29.96 फीसद
वित्तीय वर्ष की स्थिति (मिलियन टन में)
कंपनी लक्ष्य उत्पादन
ईसीएल 42.13 40.21
बीसीसीएल 35.85 35.86
सीसीएल 60.60 61.35
एनसीएल 78.10 80.2
डब्ल्यूसीएल 45.10 44.82
एसईसीएल 137.00 135.66
एमसीएल 150.00 137.90
एनईसी 1.22 0.49