
कोरबा (निप्र)। झोलाछाप डॉक्टर के उपचार से गंभीर हुए मलेरिया पीड़ित वृद्ध ने जिला चिकित्सालय में दम तोड़ दिया। वहीं चिकित्सकों ने एक मरीज को गंभीर स्थिति में उपचार के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स रेफर किया है।
रायपुर व भिलाई क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते प्रकोप के बाद शासन, प्रशासन हरकत में आ गया था। प्रदेश में पीलिया के बढ़ते प्रकोप पर अंकुश लगाने हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में सभी अस्पतालों को 24 घंटे खुले रखने का आदेश जारी कर दिया गया था। प्रशासन ऐसे किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने लगातार क्षेत्र में नजर रख रही थी। लिहाजा पीलिया पर काफी हद तक विभाग ने अंकुश लगाने में सफलता अर्जित कर ली, लेकिन अब जिले के कुछ हिस्से में मलेरिया का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऐसे ही दो मामले सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि कोतवाली अंतर्गत सर्वमंगला नगर निवासी मंगलदास पिता स्वर्गीय पुरूषोत्तम दास (43) कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित था। मंगलदास अपना उपचार बस्ती के किसी झोलाछाप डॉक्टर से करा रहा था। झोलाछाप डॉक्टर के लगातार उपचार का लाभ मिलना तो दूर बल्कि उसके इलाज से मंगलदास की हालत गंभीर होती चली गई। परिजनों ने उसकी हालत को देखते हुए उपचार के लिए उसे जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया था। उपचार के दौरान उसने शुक्रवार की सुबह दम तोड़ दिया। इसी तरह दूसरा मामला हरदीबाजार पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम बम्हनीकोना में सामने आया है। यहां रहने वाले इंद्रपाल गोंड़ पिता नारायण गोंड़ (20) को बुखार आने पर परिजनों ने उसका खून जांच कराया था। खून जांच में इंद्रपाल के मलेरिया से पीड़ित होने की बात सामने आई थी। मलेरिया की जानकारी होने के बावजूद वह अपना उपचार किसी झोलाछाप डॉक्टर से कराता रहा। बाद में उसे गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए दाखिल कराना पड़ा। जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सघन उपचार के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स चिकित्सालय रेफर कर दिया है। खास बात तो यह है कि जिले में नर्सिंग एक्ट लागू की गई है। इसके अंतर्गत उसी चिकित्सक को उपचार की अनुमति दी जानी है, जो मरीज को नियमानुसार सुविधा उपलब्ध करा सके। इस एक्ट के लागू होने से जिले में झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश लगने का कयास लगाया जा रहा था। इसके विपरीत इनकी संख्या में कमी होते नजर नहीं आ रही है। उनके उपचार से मरीज की जान जोखिम में पड़ते नजर आ रहे हैं।
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