
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की गेवरा कोयला खदान में कोयला लिफ्टिंग को लेकर दो निजी कंपनियों के कर्मचारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। खदान परिसर के भीतर ही दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। यह घटना CISF जवानों की मौजूदगी में हुई, बावजूद इसके विवाद थमने का नाम नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार, गेवरा खदान में लंबे समय से केके एंटरप्राइजेज का प्रभाव रहा है। आरोप है कि कोयला लिफ्टिंग को लेकर अन्य कंपनियों पर दबाव बनाया जाता रहा है, जिससे आए दिन तनाव की स्थिति बनी रहती है। नियमों के अनुसार खदान से कोयला छांटकर लोडिंग नहीं की जानी है, लेकिन कुछ लोग कथित रूप से अच्छा कोयला अलग कर निकाल रहे थे। इसी बात को लेकर शनिवार रात विवाद शुरू हुआ।
बी-टू स्टॉक से कोयला उठाने को लेकर केसीपीएल कंपनी के कर्मचारियों और केके एंटरप्राइजेज से जुड़े लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि केके एंटरप्राइजेज से जुड़े कथित बाउंसरों ने केसीपीएल कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना में दीपक वैष्णव और अभय कुमार वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। खदान के भीतर हुई इस गुंडागर्दी से अन्य कर्मचारियों में भय का माहौल है।
बताया जा रहा है कि खदान परिसर में कुछ लोग अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर कोयला लिफ्टिंग का कार्य कर रहे हैं। हाल ही में रामपुर के कांग्रेस विधायक फूलसिंह राठिया के प्रतिनिधि जयकिशन द्वारा रजगामार पुलिस चौकी में एक आरक्षक के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दीपका पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी। कोयला खदान में वर्चस्व को लेकर बनी तनावपूर्ण स्थिति से एसईसीएल के अधिकारी और कर्मचारी भी सहमे हुए हैं, जिसका असर खदान के कामकाज पर पड़ रहा है।