
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत अयोध्यापुरी बस्ती में नौवीं कक्षा की छात्रा ने केवल इसलिए अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली क्योंकि घर में मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के बाद उसकी मां ने फोन छिपा दिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दर्री निवासी शरीफ कुरैशी की 17 वर्षीय बेटी सानिया बानो कक्षा नौवीं की छात्रा थी। उसके पिता बकरे का व्यवसाय करते हैं। घर में केवल एक ही स्मार्टफोन था, जिसे चलाने को लेकर सानिया और उसके 12 वर्षीय छोटे भाई के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। छोटे भाई को ज्यादा देर तक मोबाइल पर गेम खेलने या वीडियो देखने का मौका मिलता था, जबकि सानिया भी फोन चलाना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों भाई-बहन में आए दिन तकरार होती रहती थी, जिससे पूरा परिवार परेशान था।
बच्चों के इस रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर मां ने आखिरकार घर का वह इकलौता मोबाइल छिपा दिया और दोनों बच्चों को साफ शब्दों में कह दिया कि अब किसी को फोन नहीं मिलेगा। मां की इस नाराजगी और मोबाइल छिन जाने से सानिया बुरी तरह आहत हो गई और गुस्से में अपने घर के अंदर चली गई। काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आई तो परिजनों को चिंता हुई। पिता ने जब बाथरूम का दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए, क्योंकि सानिया फंदे पर लटकी हुई थी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही दर्री थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस पूरे मामले में मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और सभी पहलुओं से गहनता से जांच की जा रही है। इस दुर्घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मनोचिकित्सक और साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल स्क्रीन और इंटरनेट मीडिया की दुनिया में सिमटती जा रही है, जिस पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।