
0 दर्जन भर से अधिक ग्रामीण चपेट में
0 चिकित्सा शिविर का नहीं मिल रहा लाभ
0 अधिकारियों ने मौके का लिया जायजा
0 स्वास्थ्य विभाग ने किया डायरिया से इंकार
कोरबा (निप्र)। मौसम में उतार चढ़ाव के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। अब इससे मौत होने लगी है। ऐसा पहला मामला ग्राम नेवसा में सामने आया है। यहां उपचार के लिए शिविर लगाए जाने के बावजूद शनिवार की सुबह डायरिया जैसी घातक बीमारी की चपेट में आकर एक युवक की मौत हुई है, जबकि दर्जन भर से ज्यादा ग्रामीण इस रोग से पीड़ित है। इस बात की जानकारी मिलते ही चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जायजा लेते हुए मातहत कर्मियों को दिशा निर्देश दिए हैं।
पखवाड़े भर पूर्व हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम में एकाएक परिवर्तन हो गया है। जिले में खंड वर्षा की वजह से जहां उमस में वृद्धि हुई है। विभिन्न क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है। मौसम के रूखेपन की वजह मलेरिया, उल्टी दस्त जैसी संक्रामक बीमारियां बढ़ने लगी है। अब तक संक्रामक रोग के छिटपुट मामले सामने आ रहे थे, लेकिन अब गांव के गांव बीमारी की चपेट में आने लगे हैं। ऐसा पहला मामला हरदीबाजार क्षेत्र के ग्राम नेवसा में सामने आया है। बताया जा रहा है कि सप्ताह भर से गांव में उल्टी दस्त ने असर दिखाना शुरू कर दिया था। इसे लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से उपचार के लिए शिविर लगाया गया था। यह शिविर दिखावा ही साबित हो रहा था। लिहाजा यह बीमारी धीरे-धीरे पूरे गांव में फैलता गया। इसकी सुध चिकित्सा विभाग को नहीं थी, लेकिन शनिवार की सुबह घटित घटना ने चिकित्सा विभाग को नींद से जगा दिया है। ग्राम नेवसा के धनुहारपारा निवासी शनिराम चौहान पिता शिव गुलाम चौहान (36) पेशे से चालक था। वह शुक्रवार की रात भोजन के पश्चात अपने कमरे सोने चला गया। रात लगभग एक बजे उसे अचानक उल्टी दस्त शुरू हो गई। सुबह होते-होते उसकी हालत बिल्कुल खराब हो गई। परिजन उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए हरदीबाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों द्वारा उसका उपचार किया जाता, इससे पहले ही शनिराम ने दम तोड़ दिया। डायरिया से हुई इस मौत की सूचना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने पुलिस व विभाग के आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय चीरघर में पुलिस ने डॉ. गयेंद्र कुमार की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उल्टी दस्त से मौत की खबर मिलते ही आला अधिकारी हरकत में आ गए। उनके द्वारा आननफानन में गांव में शिविर लगाकर उपचार किए जाने का निर्देश जारी कर दिया गया। अधिकारियों से निर्देश मिलने के साथ ही चिकित्सा विभाग का अमला गांव पहुंचा। यहां चिकित्साकर्मियों द्वारा ग्रामीणों का उपचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अभी गांव में दर्जन भर से अधिक ग्रामीण इस बीमारी की चपेट में है, जबकि चिकित्सा विभाग के स्थानीय अधिकारियों द्वारा गांव में फैली बीमारी पर अंकुश लगा लिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। नेवसा में डायरिया फैलने की सूचना मिलने पर जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीआर कुंभकार ने अपने प्रतिनिधि के रूप में डॉ. थलेंद्र सिंह को ग्राम नेवसा रवाना किया था। उनके द्वारा कटघोरा बीएमओ सीएल रात्रे के साथ गांव का जायजा लेते हुए मातहत कर्मियों को दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है।
चिकित्सा अधिकारियों ने ग्राम नेवसा का निरीक्षण किया है। यहां संक्रामक रोग फैलने की बात सामने नहीं आई है। मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसकी मौत डायरिया से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई है।
- डॉ. पीआर कुंभकार, सीएमएचओ, जिला चिकित्सालय